उप नेता प्रतिपक्ष डॉ सतीश पूनिया ने किसानों की जमीन नीलामी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सीएम अशोक गहलोत दोनों पर जुबानी हमला बोला। पूनिया ने बयान जारी कर कहा है कि राहुल गांधी ने किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी के लिए 1 से 10 तक की गिनतीकर 10 दिन में कर्ज माफी का वादा किया था। वह साढ़े 4 साल में भी पूरा नहीं हुआ। राहुल गांधी और अशोक गहलोत का राजस्थान के किसानों के साथ इससे बड़ा धोखा कोई हो नहीं सकता।
राजस्थान विधानसभा उपनेता प्रतिपक्ष और भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कांग्रेस सरकार के शासन में चल रही अंदरूनी कलह और झगड़े के कारण प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। युवाओं और किसानों के साथ धोखा हो रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपनी कुर्सी की चिंता है। प्रदेश के किसानों की कोई फिक्र नहीं है और इसी का नतीजा है कि किसानों की जमीनें लगातार नीलाम हो रही हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से किसान कर्जमाफी के नाम पर प्रदेश के किसानों से की गई वादाखिलाफी के कारण हजारों किसानों की जमीनें नीलाम हो चुकी हैं। पूनियां बोले-वर्ष 2022 में मेरे सवाल पर राज्य सरकार ने जवाब दिया था कि 18 हज़ार 817 किसानों की जमीनें नीलाम हो गईं और अब पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक नरपत सिंह राजवी के सवाल पर राज्य सरकार ने जवाब दिया है कि 19 हजार से अधिक किसानों की जमीनें नीलाम हो गईं, यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।
इससे स्पष्ट है कि अशोक गहलोत झूठ पर झूठ बोल रहे हैं और कर्ज माफी का वादा पूरा करने से पीछे हट रहे हैं, जिससे राजस्थान के अन्नदाता के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो रहा है। क्योंकि उनकी आजीविका का साधन खेती की जमीन नीलाम हो रही है।
60 लाख किसानों को कर्ज माफी का इंतजार
सतीश पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की हठधर्मिता और उनके द्वारा किसानों की अनदेखी करने के कारण ना केवल किसानों की जमीनें नीलाम हो रही हैं, बल्कि प्रदेश के 60 लाख से अधिक किसान कर्ज माफी का वादा पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं जो राहुल गांधी ने वर्ष 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में चुनावी जनसभाओं और कांग्रेस के घोषणा पत्र में भी किसान कर्ज माफी का वादा किया गया था, जो आज तक पूरा नहीं किया गया।
सत्ता के मद में चूर कांग्रेस सरकार की इस वादाखिलाफी से राजस्थान के लाखों किसान संकट में हैं। सैकड़ों किसान आत्महत्या कर चुके हैं और हजारों किसानों की जमीन नीलाम हो चुकी हैं। इसलिए वादाखिलाफी करने वाली कांग्रेस सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। 2023 के चुनाव में प्रदेश का किसान और युवा कांग्रेस को सत्ता से विदाई का रास्ता दिखाएगा।