51 किलो दूध से किया भगवान शिव का रुद्राभिषेक।
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जोधपुर में भड़की हिंसा के बाद शहर के दस थाना इलाकों में कल रात 12 बजे तक कर्फ्यू लगा हुआ है। साथ ही इंटरनेट सेवा भी बंद है। जिला प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। इसी बीच शनिवार को भाजपा नेताओं ने शहर के दूधेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। इसमें मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हुए। सभी भगवान शिव से शहर में आपसी भाईचारा और प्रेम बने रहने की कामना की।
भाजपा नेता राजेंद्र बोराणा ने कहा कि जोधपुर हमेशा अपनायत का शहर रहा है। इसे प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी भी माना जाता है। कुछ असामाजिक तत्वों ने अल्पसंख्यक समुदाय को बदनाम करने की नीयत से इस प्रकार का कार्य किया है। इससे शहर की छवि खराब हुई है।
बोराणा ने बताया कि शहर में एक बार फिर अमन कायम करने और दंगाइयों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना के साथ 51 किलो दूध से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया है। इस कार्यक्रम में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने शिरकत की। सभी ने एकजुट होकर प्रेम भाईचारे के साथ रहने का वादा किया है।
क्यों भड़की थी हिंसा?
दो मई सोमवार देर रात विशेष समुदाय के लोग जारोली गेट पहुंचे और अपने धर्म का झंडा लगाने लगे। उन्होंने यहां स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा के पास पहले से लगे भगवा झंडे को उतार दिया। इस दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्हें ऐसा करने से मना करते हुए उनका वीडियो बनाने लगे। इसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। विवाद के बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।
जिसमें एक मीडियाकर्मी सहित कुछ अन्य लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़कर मामला को शांत कराया। पुलिस के खदेड़ने के बाद एक पक्ष जालोरी गेट के पास और दूसरा ऑक्सफोर्ड स्कूल के पास अपने-अपने इलाके में चला गया। लेकिन, तनावपूर्ण हालात एक फिर बिगड़ गए। ऑक्सफोर्ड स्कूल की ओर से आए लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इन्हें काबू में करने पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस के काफी प्रयास के बाद लोग तितर-बितर हुए। मंगलवार सुबह शहर के दस थाना इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।