राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल स्वर्ण जयंती समारोह में 200 से अधिक किशोरियों को सम्मानित किया गया। ये किशोरियां थीं, जिनकी जिंदगी की मुश्किलों के कारण पढ़ाई छूट गई थी। मेहनत से इन्होंने दसवीं परीक्षा पास की है।
राज्यस्तरीय बालिका प्रोत्साहन एवं राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल स्वर्ण जयंती समारोह में 200 से अधिक किशोरियों को सम्मानित किया गया। ये किशोरियां थीं, जिनकी जिंदगी की मुश्किलों के कारण पढ़ाई छूट गई थी। दोबारा शिक्षा हासिल करने की ललक से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है। इसी सोच के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल और गैर-लाभकारी संस्था एजुकेट गर्ल्स ने सम्मानित किया।
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समारोह में पाली की वर्षा सहित कई किशोरियों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पलायन की वजह से मेरी पढ़ाई छूट गई थी, लेकिन राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल प्रणाली और प्रोजेक्ट प्रगति ने हमें आगे पढ़ने का अवसर दिया है। हम पढ़-लिखकर सक्षम महसूस कर रहे हैं और इससे हमें आजीविका के अवसर मिल सकते हैं।
बता दें कि ग्रामीण भारत में बालिकाओं की शिक्षा के लिए 2007 से स्थानीय सरकार और समुदाय के समर्थन के साथ साझेदारी के माध्यम से संस्था यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करती है कि सभी लड़कियां स्कूल में जाएं और अच्छी तरह से सीखें। इसका प्रोजेक्ट प्रगति, शिक्षा से वंचित किशोरियों और युवा महिलाओं के लिए एक 'दूसरा मौका' कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय ओपन स्कूल प्रणाली द्वारा शिक्षा से वंचित किशोरियों और युवा महिलाओं को लाभान्वित करना और उन्हें सशक्त बनाना है। राजस्थान में प्रोजेक्ट प्रगति 9 जिलों मे कार्यान्वित किया गया है।
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राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल ने संस्था के सहयोग से बनाए मोबाइल एप्लिकेशन का लॉन्च भी किया। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल मोबाइल एप्लिकेशन ओपन स्कूल प्रणाली में नामांकित छात्रों की अनूठी जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। किशोरियों को सम्मानित करने और उन्हें समर्थन देने के लिए उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, शिक्षा सचिव नवीन जैन, संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महर्षि वैष्णव उपस्थित थे।