बीकानेर में सूरतगढ़ के एक गांव में चिंकारा और खरगोश के शिकार की घटना का मामला अब गर्माने लगा है। इस प्रकरण में चिंकारा के शव को जबरदस्ती अपने कब्जे में रखने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर संभाग के वनकर्मियों ने संभागीय मुख्य वनरक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।
संभाग स्तरीय वनकर्मियों का रोष है कि वन्यजीव प्रेमियों के नाम पर कुछ लोगों ने चिंकारा व खरगोश का शव अपने कब्जे में किया हुआ है। जो राजकार्य में बाधा की श्रेणी में आता है। उनका विरोध है कि प्रदर्शनकारी डीएफओ को निलंबन की मांग कर रहे हैं। इनके डर से वनकर्मी झुकने वाले नहीं हैं।
वनकर्मियों का कहना है कि वे निर्दोष हैं। मामले की पूरी जांच करवा ली जाए। अगर सरकार व प्रशासन प्रदर्शन कर रहे वनप्रेमियों के दबाव में आकर कोई फैसला लेती है तो संभाग के सभी वनकर्मी सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर कामकाज बंद कर देंगे। गौरतलब रहे कि 18 अगस्त को चिंकारा व खरगोश के शव मिलने के बाद वनप्रेमियों ने आन्दोलन शुरू कर दिया था और डीएफओ के निलंबन की मांग कर रहे हैं।