अनिल कल्ला के सिर सजा महापौर का ताज
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बीकानेर नगर निगम में महापौर पद के चुनाव में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने जीत दर्ज की है। वार्ड 73 से निर्वाचित पार्षद अनिल कल्ला को कांग्रेस ने महापौर पद के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत के आंकड़े के साथ महापौर पद पर कब्जा किया। 80 वार्ड वाले बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी था। भाजपा के खाते में 27 सीटें आई थीं, जबकि 10 निर्दलीय और एक सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के खाते में गई थी।
अनिल कल्ला बने महापौर
कांग्रेस ने वार्ड 73 से निर्वाचित पार्षद अनिल कल्ला को महापौर पद के लिए प्रत्याशी बनाया था। अनिल कल्ला पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के भतीजे हैं। भाजपा की ओर से वार्ड 13 के पार्षद सुरेंद्र सिंह शेखावत को मैदान में उतारा गया था। महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस में प्रत्याशी चयन को लेकर असंतोष भी सामने आया था। वार्ड 50 के पार्षद नवरतन डागा ने अनिल कल्ला के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद अनिल कल्ला कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में रहे।
42 पार्षदों के साथ कांग्रेस के पास था बहुमत
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीती थीं। बहुमत का आंकड़ा 41 था। यानी कांग्रेस बहुमत से सिर्फ एक सीट ऊपर थी। भाजपा के पास 27 पार्षद थे, जबकि 10 निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद भी निगम में निर्वाचित हुए थे।
महापौर का चुनाव निर्वाचित पार्षदों के मतदान से होता है। ऐसे में कांग्रेस के 42 पार्षदों का समर्थन उसके लिए अहम था। चुनाव के बाद अनिल कल्ला की जीत के साथ कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम में महापौर पद हासिल कर लिया है। अनिल कल्ला की जीत के साथ ही बीकानेर नगर निगम के नए महापौर को लेकर चल रहा सियासी इंतजार खत्म हो गया।