भरतपुर के चर्चित कृपाल सिंह जघीना हत्याकांड मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस हत्याकांड के 14 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। एडिशनल एसपी डॉ. लालचंद कायल ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि 4 सितंबर 2022 को मथुरा गेट थाना क्षेत्र स्थित सर्कुलर रोड पास जघीना गेट पर इन बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर कृपाल जघीना की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पकड़े गए तीनों आरोपियों में शहर निवासी बंशीधर उर्फ बंसी पहलवान पर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके अलावा लोकेंद्र उर्फ लक्की जो गैंगस्टर कुलदीप जघीना का राइट हैंड और भरत चौधरी उर्फ भोला को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी भोला के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। आरोपी ने दो बार जयपुर और एक बार भरतपुर में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। एडिशनल एसपी ने बताया कि इसमें अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से पांच लोगों की चार्जशीट पेश हो चुकी है।
बता दें कि शहर में काली की बगीची शीशम रोड पर बड़े भूखंड को लेकर कृपाल जघीना और कुलदीप जघीना में विवाद चल रहा था। कुलदीप इस जमीन पर निर्माण करा रहा था, जबकि कृपाल ने इस पर स्टे ले लिया था। इसके बाद दोनों में ठन गई और दोनों एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। इस भूखंड पर सेटलमेंट कर जमीन से जुड़े सभी लोगों को निकालकर कुलदीप जघीना इस बेशकीमती जमीन को खरीदकर करोड़ों रुपये का सौदा कर पैसा कमाना चाहता था। कृपाल सिंह के स्टे लेने पर दोनों में विवाद हो गया।
इस जमीन के टुकड़े को पाने के लिए कुलदीप जघीना इतना बौखला गया था कि उसने कृपाल जघीना को रास्ते से हटाने की ठानी। इसके बाद एक गैंग को ये काम सौंपा गया। 4 सितंबर 2022 को जब कृपाल जघीना जब रात को अपने घर जा रहे था, उसी वक्त जघीना गेट पर 3 बाइक और 2 कारों में सवार होकर आए बदमाशों ने उन्हें रोका और ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया। 48 साल के कृपाल जघीना जमीन कारोबारी था। उसके खिलाफ भी कुछ मामले दर्ज थे। रेलवे सलाहकार समिति का सदस्य भी था।