भरतपुर में मां की ममता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। जिले के चिकसाना थाना क्षेत्र के अपना घर आश्रम मोक्ष धाम के पास से निकल रहे एक युवक को बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी, आवाज की दिशा में जाने पर वहां एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी हुई मिली। इसके बाद युवक बच्ची को उठाकर अपना घर आश्रम ले आया, जहां से बाल कल्याण समिति और पुलिस को सूचना दी गई। नवजात बच्ची को उपचार के लिए जनाना अस्पताल के शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया है।
अपना घर के सदस्य बसंतलाल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार शाम को अपना घर गौशाला में सेवा करने वाले युवक लोकेश कुमार को एक नवजात बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी, जिस पर उन्होंने आवाज आने वाली जगह पर पहुंचकर देखा तो वहां एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी हुई जमीन पर पड़ी थी। उन्होंने बच्ची को उठाया और अपना घर आश्रम लेकर पहुंचे, जहां अपना घर आश्रम की ओर से चिकसाना थाना प्रभारी और बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी को सूचित किया गया।
जनाना अस्पताल के शिशु रोग विभाग एचओडी डॉ. हिमांशु गोयल ने बताया कि नवजात बालिका का वजन 3.4 किलो है। उसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर है।