भरतपुर में एमबीसी वर्ग के एक दर्जन रीट अभ्यर्थी बयाना में गुरुवार को फिर से अपनी मांगों के समर्थन में वीरू गिरी दिखाते हुए पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। हालांकि, यह रीट अभ्यर्थी पुलिस-प्रशासन के कड़े रवैये को देख समझाइश के चलते करीब 8.30 घंटे बाद पानी की टंकी से नीचे उतर सके। तब जाकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने सुकून की सांस ली।
इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों सहित पुलिस फोर्स का भारी जाब्ता तैनात रहा। पानी की टंकी के नीचे सुरक्षा कारणों के चलते भरतपुर से आई एसडीआरएफ टीम ने नेट भी बांध दिया था। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के अलावा दोपहर को यहां पहुंचे आरक्षण आंदोलन समिति के सदस्य रहे श्रीराम बैंसला व हााकिम सिंह बैंसला एवं उत्तम सिंह महरावर ने भी समझाइश की। साथ ही भरोसा दिलाया कि उनकी फिर से उच्चाधिकारियों से वार्ता कराई जाएगी, जिसके बाद पानी की टंकी के ऊपर चढ़े यह सभी अभ्यर्थी नीचे उतर आए थे।
अब इन अभ्यर्थियों को जिला प्रशासन से वार्ता के लिए भरतपुर ले जाया गया है। हाकिम सिंह बैंसला ने बताया कि जिला कलेक्टर भरतपुर से बात कर अब इन अभ्यर्थियों की मांगों के समाधान के लिए राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों से पूर्व की भांति फिर से वार्ता का समय तय किया जाएगा। एमबीसी वर्ग के यह रीट अभ्यर्थी 372 एमबीसी रीट अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने क मांग कर रहे थे।
आपको बता दें, गत 27 सितंबर को भी तीन महिला अभ्यर्थियों सहित एमबीसी वर्ग के नौ अभ्यर्थी पानी की इसी टंकी पर चढ़ गए थे, जिन्हें उतारने के लिए पुलिस-प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। तब 15 घंटे की समझाइश के बाद यह रीट अभ्यर्थी पानी की टंकी से नीचे उतर सके थे। तब इनकी गुर्जर समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ जयपुर जाकर राज्य सचिवालय में उच्चाधिकारियों से कई घंटे चली वार्ता के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलने पर तीन अक्तूबर को फिर से वार्ता करने का समय निर्धारित हुआ था। किंतु तीन अक्टूबर को भी कोई सुध नहीं लिए जाने पर यह अभ्यर्थी गुरुवार को फिर से पानी की टंकी पर चढ़ गए थे।
इस दिन खास बात यह देखी गई कि इन अभ्यर्थियों के समर्थन में पानी की टंकी के आसपास कोई भी नहीं पहुंच सका था और अभ्यर्थी अकेले ही टंकी पर अपनी नारेबाजी करते रहे थे। यहां तक की सोशल मीडिया पर भी इनके समर्थन में पोस्ट करने वाले लोग भी सोशल मीडिया से नदारद रहे। वहीं, पुलिस व प्रशासन के लोग भी सोशल मीडिया पर पैनी नजर बनाए हुए थे। पानी की टंकी से दोपहर 2.30 बजे बाद उतरे इन रीट अभ्यर्थियों ने उच्चाधिकारियों पर उनके साथ धोखा करने और वार्ता के नाम पर खानापूर्ति करने के आरोप लगाते हुए कहा, सरकार भी उनकी सुनवाई नहीं कर रही है, जिससे 372 परिवारों के हितों पर कुठारघात हो रहा है और उनका यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।