फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दलित महिला से रेप-हत्या: मतृका के परिजनों से मिले पूनिया, कहा- सरकार ने समझौता कराया, परिवार का दर्द नहीं जाना

Sun, 09 Apr 2023 06:17 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

बाड़मेर के पचपदरा इलाके में दलित विवाहित महिला से दुष्कर्म और एसिड से जलाकर हत्या की घटना को उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया ने झकझोर देने वाली वारदात बताते हुए कहा-प्रदेश की विफल कानून व्यवस्था का परिणाम है कि प्रदेश की मातृशक्ति असुरक्षित है, अपराधियों के हौसलें बुलंद हैं।राज्य सरकार से पुरजोर मांग है कि अपराधियों पर कठोर कार्रवाई हो।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉ. सतीश पूनिया ने कहा मुख्यमंत्री गहलोत को अपनी कुर्सी बचानी तो आती है,लेकिन महिलाओं, बहन-बेटियों के प्रति अपराध रोकने में वह फेल हैं, पूरी पुलिस व्यवस्था को उन्होंने निर्बल कर दिया। कांग्रेस सरकार ने प्रदेशभर में पुलिस का  मनोबल कमजोर किया है। प्रदेश के बजट से 3 प्रतिशत ही पुलिसिंग पर खर्च होता है, नफरी से लेकर अन्य संसधानों की सूबे में कमी है। डॉ. सतीश पूनियां ने पचपदरा पहुंचकर पीड़ित परिवार के लोगों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

विज्ञापन


डॉ. पूनियां के साथ विधानसभा में विपक्ष के सचेतक जोगेश्वर गर्ग, सांसद पीपी चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्न मेहता, विधायक हमीर सिंह भायल, पूर्व मंत्री अमराराम चौधरी, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा, किसान मोर्चा राष्ट्रीय मंत्री शैलाराम सारण, जिला अध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा, जोधपुर मेयर वनीता सेठ, पूर्व जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल मौजूद रहे।

महिला अपराध में राजस्थान देश में एक नंबर
डॉ. पूनियां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कुर्सी बचाने के चक्कर में प्रदेश की जनता को भूल गए, महिला अपराध में राजस्थान देश में एक नंबर पर है। गहलोत सरकार के आने बाद से राजस्थान में अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं और खासकर महिलाओं के प्रति अपराध के मामले प्रदेश में चरम पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस सरकार में लापरवाह और नाकाम पुलिसिंग व्यवस्था है और उसका नेतृत्व करने वाले गृहमंत्री भी पूरी तरह से विफल हैं। ध्वस्त कानून व्यवस्था की वजह से बढ़े अपराधों से पूरा राजस्थान त्रस्त है। पानी सिर के ऊपर से गुजर चुका है। अब कांग्रेस के गुजर जाने का समय आ गया है। 2023 में प्रदेश की जनता कांग्रेस को हमेशा के लिए सत्ता से विदा कर देगी।
विज्ञापन


कांग्रेस शासन में राजस्थान में लगातार दुष्कर्म और हिंसा के मामले बढ़ रहे
उपनेता प्रतिपक्ष बोले-कांग्रेस शासन में राजस्थान में लगातार दुष्कर्म और हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसी घटनाएं सरकार और समाज के लिये चुनौती हैं। साढ़े 4 वर्षों में 9 लाख से अधिक मुकदमे दर्ज हुए और महिला अपराध के 1 लाख 25 हजार अधिक मामले हैं। कांग्रेस सरकार ने प्रदेशभर में पुलिस का  मनोबल कमजोर किया है। 3 प्रतिशत ही पुलिसिंग पर खर्च होता है, नफरी से लेकर अन्य संसधानों की कमी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थान के पुलिस महकमे को मजबूत करने या उसमें इनोवेशन करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। साइबर क्राइम से लेकर धरातल पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए पुलिस के पास कोई प्लान नहीं है, इन घटनाओं को रोकने में राज्य सरकार गंभीर नहीं है।

सरकार ने समझौता तो करवा दिया, लेकिन पीड़ित परिवार का दर्द जानने कोई नहीं आया
पूनिया बोले-थानागाजी की घटना से लेकर पचपदरा की घटना तक का यदि सीक्वेंस देखेंगे, तो लगता है कि राज्य सरकार ने इन घटनाओं को रोकने के लिए कोई गंभीर कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि पचपदरा की घटना में हम पीड़ितों से मिलने के लिए आए हैं। सरकार ने समझौता तो करवा दिया, लेकिन पीड़ित परिवार का दर्द जानने और सम्बल देने कोई नहीं आया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें