फर्जी डिग्री के मामले में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बांसवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 18 तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसी मामले में डूंगरपुर जिले के आठ शारीरिक शिक्षकों पर भी बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। उन्हें भी बर्खास्त करने के आदेश कभी भी जारी हो सकते हैं।
2022 में आयोजित की गई थी भर्ती परीक्षा
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से वर्ष 2022 में शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें अपात्र अभ्यर्थियों के चयनित होने का मामला सामने आया था। इसकी शिकायत पर की गई जांच में 61 नाम सामने आए, जिन्होंने फर्जी डिग्री प्रस्तुत की थी। इनमें 42 डूंगरपुर जिले के और 19 बांसवाड़ा जिले के अभ्यर्थी शामिल थे।
35 की नियुक्ति होगी निरस्त
बांसवाड़ा में 18 शारीरिक शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि डूंगरपुर के 8 शारीरिक शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। इसके अलावा उदयपुर के तीन तथा प्रतापगढ़, जोधपुर, बाड़मेर, झालावाड़ और जैसलमेर जिलों से भी एक-एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई होनी है। इस संबंध में दस्तावेजों की जांच के बाद चयन बोर्ड के उप सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार विभागीय स्तर पर आदेश जारी किए जाएंगे।
आधे से अधिक एक ही समाज के
बांसवाड़ा में जिन 18 शारीरिक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है, उनमें आधे से अधिक शिक्षक एक ही समाज के हैं। वहीं, डूंगरपुर में जिन 8 शारीरिक शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होनी है, उनमें भी इसी समाज के 6 अभ्यर्थी शामिल हैं।
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यह है मामला
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में 5,546 पदों पर शारीरिक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। दस्तावेज सत्यापन के दौरान कई अभ्यर्थियों की डिग्री फर्जी पाई गई थी। इसके बाद एसओजी ने जांच करते हुए 165 से अधिक अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले भी दर्ज किए थे।