बांसवाड़ा में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया बुधवार को बांसवाड़ा में शुरू हुई। इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों ने पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में वन-टू-वन चर्चा की। पर्यवेक्षक लालजी देसाई, डॉ. संजीव राजपुरोहित और हिमपाल सिंह देवल ने कांग्रेस कार्यालय में जिलास्तरीय संगठनों के पदाधिकारियों से मुलाकात की और संगठन को मजबूत करने के दिशा में सुझाव सुने।
पर्यवेक्षकों ने की व्यक्तिगत चर्चा
पर्यवेक्षकों ने सोशल मीडिया प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष इमरान खान पठान, आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश मईड़ा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रज्ञा, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष शाश्वत गरासिया, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास मईड़ा, सेवादल अध्यक्ष धीरजमल डामोर सहित कई अन्य प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों से चर्चा की।
पर्यवेक्षक लालजी देसाई ने इस अवसर पर कहा कि संगठन सृजन अभियान कांग्रेस की नई और सकारात्मक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठन को नई दिशा दी जा रही है, और बांसवाड़ा में भी सशक्त जिला नेतृत्व के साथ नव निर्माण का संकल्प पूरा किया जाएगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र पंड्या, विधायक अर्जुनसिंह बामनिया, नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र तेली, केशवचंद्र निनामा, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, मनोहर खड़िया, अरविंद डामोर, न्याजुल्लाह चौहान, रफीक मंसूरी सहित कई नेता मौजूद रहे।
दो ब्लॉकों में हुई बैठकें
दोपहर में पर्यवेक्षकों ने बागीदौरा और आनंदपुरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठकें लीं। बैठक में जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र पंड्या, कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार, विधायक अर्जुनसिंह बामनिया, ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन पाटीदार और मोहनलाल रोत सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में पर्यवेक्षकों ने कहा कि कार्यकर्ता बूथ स्तर से लोगों को जोड़ें, ताकि कांग्रेस का जनाधार और मजबूत हो सके। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार दमनकारी रवैया अपनाकर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और सत्ता पाने के लिए अनुचित तरीके अपना रही है। इसके साथ ही बताया गया कि 9 अक्तूबर को घाटोल, सरेड़ी बड़ी और गढ़ी ब्लॉकों में बैठकें आयोजित होंगी, जहां अगली चर्चा होगी।
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सवा महीने चलेगी जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया लगभग सवा महीने तक चलेगी। प्रत्येक जिले से छह संभावित नाम पार्टी आलाकमान को भेजे जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस द्वारा अनुमोदन के बाद ये नाम एआईसीसी को भेजे जाएंगे, जहां से लगभग 15 दिन बाद अंतिम नाम पर मुहर लगेगी। ऐसे में नवंबर तक यह तय होगा कि मौजूदा जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र पंड्या पर संगठन फिर से भरोसा जताएगा या किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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