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Banswara News: फायर सेफ्टी की माकूल व्यवस्था की खुली पोल, ट्रॉमा वार्ड में ही अग्निशामक यंत्र का सिलेंडर खाली

Mon, 06 Oct 2025 03:18 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

जयपुर के एसएमएस हादसे के बाद जिले के सबसे बड़े अस्पताल में जब फायर सेफ्टी व्यवस्था की पड़ताल की गई तो तमाम दावों के बीच ट्रॉमा वार्ड में लगे अग्निशामक यंत्र का सिलेंडर खाली मिला।
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ट्रॉमा वार्ड में खाली पड़ा अग्निशामक सिलेंडर
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विस्तार
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जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना के बाद बांसवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में जब अग्निशमन व्यवस्था का जायजा लिया गया तो चिकित्सालय प्रबंधन ने माकूल व्यवस्था का दावा किया लेकिन जांच करने पर ट्रॉमा वार्ड में लगा सिलेंडर खाली पाया गया।

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आदिवासी बहुल बांसवाड़ा में महात्मा गांधी चिकित्सालय जिले का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सालय है। बड़े क्षेत्र में फैले महात्मा गांधी चिकित्सालय में मेडिकल, सर्जरी, जनाना, शिशु, अस्थि, आंख सहित अन्य वार्ड और आईसीयू हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग भी यहां उपचार कराने आते हैं। ओपीडी और आईपीडी की संख्या भी सैकड़ों में हैं। ऐसे में अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं और व्यवस्था का जिम्मा प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व वाले चिकित्सालय प्रबंधन के पास है।

जयपुर में एसएमएस अस्पताल में हुए हादसे के बाद जब एमजी चिकित्सालय की पड़ताल की गई तो यहां अस्पताल भवन के प्रवेश द्वारों की दीवारों पर अग्निशमन सिलेंडर लगे हुए हैं। लगभग हर वार्ड के बाहर और भीतर यह सिलेंडर लगे हैं। ओपीडी में बैठने वाले चिकित्सकों के कक्षों के बाहर सहित आईसीयू और पोर्च में बड़े पाइप लगाए हुए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पानी की मोटर से जोड़कर उपयोग में लिया जा सके।
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इसी बीच एमजी चिकित्सालय का ट्रॉमा वार्ड, जो कि सबसे महत्वपूर्ण वार्ड है। यहां पड़ताल के दौरान आग बुझाने का सिलेंडर खाली मिला, हालांकि इस वक्त वार्ड में कोई रोगी नहीं था। इस पर लगे स्टीकर पर रीफिल कराने की तारीख तक मिट चुकी है लेकिन इसे रीफिल कराने की किसी ने जिम्मेदारी नहीं उठाई।

अस्पताल के अग्निशमन इंतजामों को लेकर महात्मा गांधी चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश माहेश्वरी ने कहा कि अस्पताल में अग्निशमन के पुख्ता प्रबंध हैं। गत अप्रैल माह में चिकित्सालय परिसर में लगे 89 सिलेंडरों को रीफिल कराया गया है। 
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ट्रॉमा वार्ड के सिलेंडर के बारे में पूछने पर उन्होंने यह कहते हुए हाथ ऊंचे कर दिए कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वार्ड प्रभारी से जानकारी लेकर इसे तत्काल रीफिल कराया जाएगा। चिकित्सालय में जहां बिजली के तार से संबंधित समस्या है, उसे लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को लिखा है, उनके निर्देशानुसार कार्य कराया जाएगा।

 

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