बांसवाड़ा जिले के दानपुर थाना क्षेत्र के कुंडल गांव में रविवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। घर के भीतर पालने में सो रहे छह माह के मासूम पर अचानक सियार ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे के होंठ और गाल गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने समय रहते सियार को भगाकर बच्चे की जान बचाई, लेकिन उसके चेहरे पर गहरे घाव हो गए।
नहाने गई थी मां, तभी हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, मासूम रितेश की मां उसे पालने में सुलाकर पास ही नहाने गई थी। इसी दौरान कमरे का दरवाजा खुला होने के कारण एक सियार घर के अंदर घुस आया। सियार ने पालने में सो रहे बच्चे पर हमला कर दिया और उसके चेहरे को नोचना शुरू कर दिया। बच्चे की तेज चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़ते हुए कमरे में पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी घबरा गए। परिजनों ने शोर मचाकर किसी तरह सियार को बच्चे से अलग किया। बाद में ग्रामीणों ने सियार को घेर लिया और उसे मार दिया।
गंभीर हालत में अस्पताल रेफर
हमले के बाद लहूलुहान हालत में बच्चे को तत्काल छोटी सरवन अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल (एमजी अस्पताल) रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सियार के हमले से बच्चे के चेहरे पर गहरे घाव हुए हैं। उसके होंठ और गाल पर करीब 20 टांके लगाने पड़े। फिलहाल मासूम का इलाज सर्जिकल वार्ड में जारी है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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घटना के बाद गांव में दहशत
घटना के बाद कुंडल गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव के आसपास जंगली जानवरों की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।