विवाहिता से दुष्कर्म के मामले में फंसे राजस्थान के खाद और डेयरी मंत्री बाबू लाल नागर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सरकारी आवास पर विवाहिता से दुष्कर्म के मामले में आरोपी राजस्थान के खादी राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले बाबू लाल नागर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
नागर के खिलाफ शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान नहीं हो पाए। मजिस्ट्रेट ने शनिवार को बयान के लिए बुलाया है। माना जा रहा है कि बयानों के बाद सीआईडी-सीबी कभी भी नागर को गिरफ्तार कर सकती है।
सीआईडी-सीबी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के बयानों के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी शुक्रवार सुबह की बजाए दोपहर को लगाई, जिससे ये बयान नहीं हो सके। इसलिए पीड़िता के लिखित बयान अब शनिवार को होंगे।
इधर, सरकार पर इस मामले की जांच सीबीआई को देने का दबाव भी बना हुआ है। मेडिकल रिपोर्ट में गले के नीचे एवं शरीर के अन्य हिस्सों पर कुछ चोट के निशान मिले हैं और एफएसएल टीम ने उस कमरे से जुटाए साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है, जहां यह घटना घटी थी। सीआईडी-सीबी ने संबंधित बेड रूम को सील कर दिया है।
डांटा था, इसलिए लगाए आरोप: नागर
बाबू लाल नागर ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि 11 सितंबर (जिस दिन दुष्कर्म का आरोप) को उन्होंने दो मामलों में संबंधित महिला को डांटा था, इस कारण उसने आरोप लगाए हैं।
नागर ने कहा कि उन्हें कोबरा गैंग के लोगों ने फंसाया है, जो जमीनों पर अवैध रूप से कब्जे करता है। जिस पर उन्होंने अंकुश लगाया था। उन्होंने कुछ ठेकेदारों को भी षड्यंत्र में शामिल बताया।
पत्नी और पुत्र उतरे बचाव में
सरकारी आवास पर नागर के पुत्र ने मोबाइल में एक फोटो दिखाकर दावा किया कि यह फोटो एक कार्यकर्ता ने घटना वाले दिन शाम को 4.57 बजे खींची थी और पीड़िता ने सवा पांच बजे दुष्कर्म की घटना बताई है।
नागर की पत्नी ने कहा कि कई मोबाइल नम्बर की सूची देते हुए कहा कि उनके घर पर उस दिन सौ से अधिक लोग शाम 7 बजे तक रहे, लेकिन महिला का कहना है कि कोई नहीं था।