शायद इसे ही कहते हैं कि रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में जोधपुर जेल में न्यायिक हिरासत काट रहे आसाराम एक बार फिर जेल पहुंच गए हैं। लेकिन तेवरों में कमी आती नहीं दिख रही है।
मंगलवार को जब आसाराम को गुजरात से राजस्थान सड़क रास्ते से वापस लाया गया तो वे बोले कि मुझे कहा होता तो मैं चार्टर प्लेन का इंतजाम करता।
'पुलिस ने किया धोखा'
'मेरे साथ पुलिस ने धोखा किया है, गुजरात सरकार इतनी गरीब हो गई कि प्लेन के बदले पुलिस वैन में ले जाती है। मुझे कहा होता तो मैं चार्टर प्लेन का इंतजाम करता। दुष्कर्म के आरोपी आसाराम ने यह नाराजगी सड़क मार्ग से जोधपुर ले जाते समय बनासकांठा के एसपी से जताई।
पुलिस वाहन में बैठे आसाराम ने गुजरात-राजस्थान सीमा से सटे इकबालगढ़ पोस्ट पर थोड़ी देर के लिए वाहन रोकने का आग्रह किया था। जब एक पेट्रोल पंप के पास पुलिस काफिला रोका गया तब उन्होंने यह टिप्पणी की।
क्या था मामला
सूरत की लड़की के दुष्कर्म मामले में पूछताछ के बाद यूं तो आसाराम को हवाई रास्ते से ही वापस जोधपुर लाया जा रहा था। लेकिन आईबी ने अहमदाबाद पुलिस को सूचना दी कि आसाराम के लगभग 100 साधकों ने राजस्थान की फ्लाइट बुक करा ली हैं।
साधकों की तैयारी का पता लगते ही योजना बदल दी गई। पहले उन्हें अहमदाबाद के साबरमती जेल भेजा गया। पांच मिनट रखा गया और फिर जोधपुर भेज दिया गया।
इससे पहले तीन दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने पर मंगलवार को एसआईटी (विशेष जांच दल) ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। एसआईटी ने और रिमांड नहीं मांगी तो कोर्ट ने आसाराम को जेल भेज दिया।
कोर्ट ने एजेंसी का एक आग्रह नामंजूर कर दिया। इसमें आसाराम को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर नडियाद, सूरत या राजकोट जेल में रखे जाने की इजाजत मांगी गई थी। जोधपुर कोर्ट में उनकी 25 अक्टूबर की पेशी है।