आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, ग्राम साथिन और आशा सहयोगिनी की ओर से बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर बेमियादी धरना शुरू किया गया। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले उपखंड कार्यालय के समक्ष ये धरना दिया गया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा, कुलदीप कौर, संदीप कौर, सिमरनजीत कौर, राजविंदर कौर तथा जसपाल कौर सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं।
मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा धरना
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के सेवा नियम बनाने, कार्मिकों को सीपीएफ एवं पीएफ योजना से जोड़ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुरूप अकुशल, अर्ध कुशल एवं कुशल कर्मचारियों को देय वेतनमान की नीति अनुसार राज्य में भी आंगनबाड़ी कर्मियों को मानदेय दिए जाने, हरियाणा सरकार की तर्ज पर मानदेय के अनुरूप मानदेय कर्मियों को राजस्थान में लाभ देने की मांग को लेकर धरना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती धरना जारी रहेगा।
ये रखीं प्रमुख मांगें
प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा ने कार्यकर्ताओं की मांगों के बारे में बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को नियमित करने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 से 65 वर्ष करने, महिला पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कोटे में पदोन्नति अनुभव व वरीयता के आधार पर करने, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत आंगनबाड़ी कर्मियों को योग्यता व अनुभव के अनुभव के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विभागीय स्तर पर ब्रिज कोर्स करवाकर पूर्ण प्राथमिक शिक्षक बनाने की मांग की गई है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के सेवा नियम बनाने, कार्मिकों को सीपीएफ एवं पीएफ योजना से जोड़ने, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुरूप अकुशल, अर्ध कुशल एवं कुशल कर्मचारियों को देय वेतनमान की नीति अनुसार राज्य में भी आंगनबाड़ी कर्मियों को मानदेय दिया जाने, हरियाणा सरकार की तर्ज पर मानदेय के अनुरूप मानदेय कर्मियों को राजस्थान में लाभ देने की मांग को लेकर धरना लगाया गया है।