विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस में टक्कर।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़ा है। संभावना जताई जा रही है कि अक्तूबर में चुनाव की तारीख का ऐलान हो सकता है। इससे पहले से प्रदेश की दो मुख्य पार्टियां चुनाव प्रचार कर जनता को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही हैं। भाजपा प्रदेश में परिवर्तन संकल्प यात्रा निकाल रही है। वहीं, सत्ता में बैठी कांग्रेस आखिरी दौर में नई-नई घोषणाएं, विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण कर रही है। दोनों ही पार्टियां अपने-अपने तरीके से अपना वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के दावे को छोड़ दें तो 2023 में सरकार कौन बनाएगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन 2008 और 2018 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी भाजपा मजबूत दिखाई पड़ती है। वहीं, 2003 और 2013 के चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को बुरी तरह हराकर सरकार बनाई। 2003 से कांग्रेस भाजपा को प्रदेश में करारी हार तो दूर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें भी नहीं जीत पाई।
आइए, पिछले चार चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालते हैं....
- विधानसभा चुनाव 2003 : भाजपा ने 120 सीटें जीतकर कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया। चुनाव में भाजपा को 39.20% वोट मिले। वहीं, कांग्रेस 56 सीटों पर सिमटकर रह गई थी।
- विधानसभा चुनाव 2008: कांग्रेस ने प्रदेश में 96 सीटें जीतकर सरकार बनाई। इस चुनाव में पार्टी का वोट प्रतिशत 36.82 फीसदी रहा। वहीं, सरकार बनाने में नाकाम रही भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की।
- विधानसभा चुनाव 2013: भाजपा ने प्रदेश की 200 में से 163 सीटें जीतकर सबसे बड़ी जीत दर्ज की। मोदी लहर में पार्टी को 46.05 फीसदी वोट मिले। वहीं, कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट कर रह गई।
- विधानसभा चुनाव 2018: कांग्रेस ने 99 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की, लेकिन पूर्ण बहुतम का आंकड़ा नहीं जुटा पाई। इस चुनाव में पार्टी का वोट प्रतिशत 39.3 फीसदी रहा। वहीं, भाजपा को 73 सीटें मिलीं।
अब जानिए 2023 के चुनाव को लेकर पार्टियों के दावे
प्रदेश की सत्ता में बैठे सीएम अशोक गहलोत और उनकी पार्टी के तमाम बड़े नेता बार-बार सरकार के रिपीट होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस बार राजस्थान में इतिहास बनेगा। एक-एक बार सरकार बनाने की परिपाटी खत्म होगी और कांग्रेस फिर सत्ता में आएगी। इस दावे के पीछे कांग्रेस नेता गहलोत सरकार द्वारा चलाईं जा रहीं जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों का हवाला दे रहे हैं।
इधर, विपक्ष में बैठी भाजपा भी सरकार बनाने की दावा कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार की विदाई का मन बना लिया है। इस सरकार में अपराध बढ़े हैं, महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, दुष्कर्म में प्रदेश नंबर वन बन गया है। दलितों के साथ अत्याचार की खबरें आए दिन सामने आती हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमरा गई है। इसके अलावा भाजपा नेता केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी पार्टी की जीत का आधार बता रहे हैं।