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Rajasthan: भरतपुर क्यों आए अमित शाह? संभाग की 19 सीटों पर फोकस, यहां भाजपा का एक भी विधायक नहीं

Sat, 15 Apr 2023 08:42 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

भरतपुर संभाग पर भाजपा की पकड़ कमजोर हैं, यहां भाजपा का एक भी विधायक नहीं है। संभाग में 4 जिले और 19 विधानसभा सीटें हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में भरतपुर संभाग के 4 में से 3 जिलों में भरतपुर, करौली और सवाईमाधोपुर में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी थी।
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भाजपा नेताओं को अमित शाह देंगे जीत का मंत्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गृहमंत्री अमित शाह राजस्थान के भरतपुर जिले के दौरे पर हैं। एमएसजे कॉलेज ग्राउंड में उन्होंने भाजपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में भाजपा के 25000 कार्यकर्ता मौजूद रहें। सम्मेलन में भाग लेने के लिए भरतपुर संभाग के 4700 बूथ में से प्रत्येक बूथ से पांच कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। जिन्हें अमित शाह सहित पार्टी के अन्य नेताओं की बातों को सुना।   

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सम्मेलन के बाद अमित शाह एक होटल में चुनिंदा नेताओं के साथ बैठक करेंगे। जिसमें भरतपुर संभाग की विधानसभा सीटें जीतने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। बतादें कि भरतपुर संभाग पर भाजपा की पकड़ कमजोर हैं, यहां भाजपा का एक भी विधायक नहीं है। भरतपुर संभाग में 4 जिले और 19 विधानसभा सीटें हैं। 2018 के विधनसभा चुनाव में भरतपुर संभाग के 4 में से 3 जिलों में भरतपुर, करौली और सवाईमाधोपुर में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। 

धौलपुर में 1 सीट से शोभारानी कुशवाह बीजेपी के टिकट पर जीत कर विधायक बनी थीं, लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों और क्रॉस वोटिंग के कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। वहीं, भरतपुर संभाग में कांग्रेस के 16 विधायक हैं और भरतपुर से आरएलडी के एक विधायक सुभाष गर्ग हैं, जो गहलोत सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में अमित शाह का यहां आना साफ संकेत है कि भाजपा 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव पर फोकस कर रही है, जिससे चुनाव में यहां अधिक से अधिक सीटें जीतें जा सकें। 
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भरतपुर में दौसा और नागौर की रणनीति भी होगी तैयार
अमित शाह भरतपुर सम्भाग के साथ ही दौसा और नागौर के चुनिंदा नेताओं से भी एक होटल में मीटिंग करेंगे। बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिहाज से अबकी बार दौसा और नागौर के लिए अलग से रणनीति बना रहा है। दोनों जिलों की कमजोर सीटों को भाजपा ने चिन्हित किया है। नागौर में भाजपा ने पिछले चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) से गठबंधन किया था। यहां आरएलपी से हनुमान बेनीवाल सांसद है।  दौसा में जसकौर मीणा बीजेपी से सांसद चुनी गईं, लेकिन अन्य लोकसभा सीटों के मुकाबले वहां जीत का मार्जिन काफी कम था।  राज्यसभा सांसद डॉ. किरोडी लाल मीणा और लोकसभा सांसद जसकौर मीणा के बीच भी मतभेद उभर कर सामने आए। इस सभी चीजों को देखते हुए पार्टी इस सीट पर अभी से तैयारी कर रही है।

गहलोत-पायलट विवाद पर भी नजर  
2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रहे विवाद का फायदा उठाने में जुटी है। पार्टी की नजर गहलोत-पायलट की लड़ाई और फिर पायलट द्वारा उठाए जाने वाले कदम पर भी है। जिसके बाद का फायदा उठाने पर भी है। उधर, गुर्जर-मीणा बाहुल्य पूर्वी राजस्थान में विधानसभा सीटें जीतने के लिए भी भाजपा विशेष रणनीति तैयार कर रही है।  

कार्यकर्ताओं को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा- गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलेगी। पिछली बार भरतपुर संभाग में पार्टी को ज्यादा सफलता नहीं मिली थी। इस बार भरतपुर संभाग में पिछले चुनाव के मुकाबले ठीक उल्टी स्थिति होगी। हम सभी सीटों पर जीत हासिल करेंगे।

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