पुलिस हिरासत में पत्नी और उसका प्रेमी
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'पति-पत्नी और वो' के लगातार बढ़ते मामले और हो रही हत्याओं ने सामाजिक व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हैं। कुछ महीनों पहले मेरठ में नीले ड्रम का मामला ठंडा नहीं हुआ था कि इंदौर के सोनम केस ने सनसनी फैला दी। अब एक बार फिर नीले ड्रम में मिले युवक के शव ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। उल्लेखनीय है कि हत्याकांड में शामिल दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं और उन्होंने अपना जुर्म कबूल करते हुए पुलिस को पूरी वारदात का विस्तृत ब्यौरा दिया।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक हंसराज की लक्ष्मी उर्फ सुनीता और उसके प्रेमी जितेंद्र शर्मा ने 15 अगस्त की रात शराब पार्टी की और इसके बाद हंसराज के नशे में होने का फायदा उठाते हुए तकिए से उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि हत्या के बाद दोनों पूरी रात शव के पास बैठे रहे और अगले दिन सुबह शव को घर में रखे नीले ड्रम में डालकर उसमें नमक भर दिया ताकि शव जल्दी गल जाए। इसके बाद वह लक्ष्मी और तीनों बच्चों को लेकर फरार हो गया। यहां उल्लेखनीय है कि लक्ष्मी उर्फ सुनीता पानी भरने के बहाने मकान मालकिन से ड्रम मांगकर ले गई थी।
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पुलिस जांच में सामने है कि हंसराज और जितेंद्र की दोस्ती ईंट भट्टे पर हुई थी और तभी से लक्ष्मी और जितेंद्र एक-दूसरे के करीब आने लगे थे। ईंट भट्टे पर काम बंद होने के बाद जितेंद्र उन्हें किराएदार बनाकर अपने घर लेकर आ गया था। उसने अपने घरवालों को हंसराज और लक्ष्मी के नाम भी सूरज और सुनीता बताए थे। हादसे के बाद जब हंसराज का असली आधार कार्ड हाथ लगा तो असलियत का खुलासा हुआ।
डीएसपी राजेंद्र सिंह निर्वाण ने बताया कि हंसराज को जितेंद्र और लक्ष्मी के बीच प्रेम प्रसंग की जानकारी हो गई थी और इसी कारण से उसके साथ मारपीट करता था। पुलिस अधीक्षक मनीष चौधरी ने बताया कि अलवर के रामगढ़ क्षेत्र के एक ईंट भट्टे पर लोगों ने दोनों आरोपियों को पहचान कर पुलिस को इस संबंध में सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस ने मृतक के बच्चों को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही असलियत का पता चल पाएगा।