राजस्थान में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। आज हमारा कारवां अलवर पहुंचा है। जहां हमने महिला वोटरों से बात कर उनके मूल मुद्दों को जानने की कोशिश की।
सबसे पहले सोनिया यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि महिलाओं के ज्यादातर जो मुद्दे रहते है वो महंगाई को लेकर होते है, बच्चों की सुरक्षा को लेकर होते है। उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी बच्चियों को बाहर पढ़ने के लिए भेजते है तो उनके साथ कुछ ना कुछ ना कुछ होता रहता है। ये हमारे लिए बड़ा चैलेंज रहता है, इसलिए इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाये। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा एक बड़ा बेसिक मुद्दा है। आज जिस तरह से फीस इतनी मंहगी कर दी गई है, कम से कम उसपर लगाम लगना चाहिए।
शिक्षा और सुरक्षा मूल मुद्दा
इसी सवाल के जवाब को लेने के लिए एक और महिला ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आज के समय में शिक्षा और सुरक्षा मूल मुद्दा है। और अगर रही बात अधिकार की तो अधिकार बोलने से नहीं मिल जाता, समाज में ये कहा जाता है कि महिलाएं बराबर है, लेकिन असल हकीकत में महिलाएं बराबर में नहीं दिखती। उनका कहना था कि हम लोगों ने जो फेस किया है, हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे इसे फेस करें। दूसरी ओर शिक्षा पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आज के समय में हम इतनी फीस देना एफर्ट नहीं कर पाते। इसलिए आने वाली सरकार से यही अपेक्षा है कि बढ़ती हुई फीस पर लगाम लगे।
किसी भी योजना का नहीं मिला कोई लाभ
सरकार की योजना के लाभ प्राप्ति को लेकर एक और महिला ने जवाब देते हुए कहा कि हमें सरकार से किसी भी योजना का कोई लाभ नहीं मिला है। हम केंद्र और राज्य सरकार से यही अपेक्षा करते है कि हमें सरकार द्वारा लागू की गई योजना का लाभ मिले। इसके साथ ही गहलोत सरकार से नारजगी व्यक्त करते हुए महिला ने कहा कि हमारे घर में हर महीने तीन से चार हजार रुपये बिजली का बिल आता है, इसलिए इस बार हम गहलोत सरकार को वोट नहीं देंगे।