अलवर में महाशिव पुराण कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा। धीरेंद्र शास्त्री की ओर से ग्रेटर नोएडा में महिलाओं पर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि यह श्रेष्ठता नहीं है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को नसीहत देते हुए कहा कि आपका चेहरा आपकी पहचान नहीं है। वाणी आपकी पहचान है। आप कुछ भी बोलना चाहते हैं तो उसका अनुवादन करें। उसे अपने ऊपर भी लेकर देखना चाहिए कि यह कहना सही है या नहीं। किसी स्त्री या सौभाग्यवती नारी के लिए यह शब्द अच्छा रहेगा क्या?
उन्होंने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान को सही नहीं कहा जा सकता। 95 फीसदी महिलाएं कथा में आती हैं। पुरुषों के लिए कथा करने के सवाल पर कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महिलाओं का आना अधिक जरूरी है। महिलाएं किसी बालक को जन्म देती हैं। पुरुष आएगा तो अपने आप को ही सुधारेगा, लेकिन मां तो पति, बेटी, सास, ससुर, बेटी सबको संस्कारित करेगी। एक अकेली जड़ खुद से उत्पन्न होने वाले वृक्ष, पत्ती, टहनी, फल, फूल के रूप में न जाने कितनों को ही संस्कारित करती हैं। इसलिए महिलाओं का आना अधिक जरूरी भी है।
दरअसर एक वायरल वीडियो में देखा गया कि धीरेंद्र शास्त्री मंच पर बैठे हुए हैं और इसी दौरान एक लड़की बैरिकेड को पार कर गई। यह देखते ही वहां खड़ा एक शख्स लड़की को उठाकर बैरिकेड के दूसरी तरफ फेंक दिया। इस दौरान वहां मौके पर पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। एक अन्य वीडियो में शास्त्री प्रवचन के दौरान कहते हैं, 'किसी स्त्री की शादी हो गई हो तो उसकी दो पहचान होती हैं- मांग का सिंदूर, गले में मंगलसूत्र। अच्छा, मान लो मांग का सिंदूर न भरा हो, गले में मंगलसूत्र न हो तो हम लोग क्या समझते हैं कि भाई ये प्लॉट अभी खाली है।' 'और मांग का सिंदूर भर गया हो। गले में मंगलसूत्र लटक गया हो तो हम लोग दूर से ही देखकर समझ जाते हैं कि रजिस्ट्री हो गई है।' इसके बाद कई लोगों शास्त्री के इस बयान पर गुस्सा जाहिर किया।
सरकार पूरी तरह अपराध नहीं रोक सकती
देश में बढ़ रहे अपराधों की रोकथाम के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह अपराध नहीं रोक सकती है। अपराध हमारे संस्कार द्वारा रोका जा सकता है। हमारे घर के सदस्यों को सीख देनी होगी। तभी हम अपराध रोक सकते हैं। जितने भी बड़े ओहदों पर बैठे लोग हैं वे सही संस्कारों से जुड़े हैं, तो गलत काम नहीं करेंगे। इन सबके साथ संविधान के अनुसार तो चलना ही पड़ेगा। संस्कारवान होना भी जरूरी है।
पहले डॉक्टर को दिखाओ उसके बाद शिवजी पर विश्वास करो
अलवर में पत्रकार वार्ता के दौरान शिवजी पर बेल पत्र चढ़ाने से बड़े अच्छे रिजल्ट आएंगे, इस सवाल पर उन्होंन कहा कि अंधविश्वास उसे कहते हैं कि जमीन में फूंक मारकर कोई भी चीज निकालने की बात कहे। अंधविश्वास उसे कहते हैं कि कोई कहे कि व्यक्ति कभी मरेगा नहीं। अंधविश्वास इसे नहीं कहते कि वटवृक्ष का पूजन करते हैं, तो वहां वृटवेश्वर महादेव हैं। पीपल के नीचे पूजन करते हैं तो वहां पीपलेश्वर महादेव हैं। पीपल के पेड़ के नीचे बैठने से फल प्राप्ति होती है। यह सही है। अंधविश्वास नहीं है। हमारी सोच यह है कि सनातन धर्म के लिए जितने भी लोग प्रयास कर रहे हैं, उनको प्रेरित करते रहना है, ताकि लोग जुड़े रहें। उनके जरिए दूसरे लोग भी सनातन को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मैंने कथा में बोला उसे पूरा सुनें। हमेशा कहता हूं कि पहले डॉक्टर को दिखाओ। सब जांच भी कराओ। उसके बाद शिवजी पर विश्वास करो। सालों से हमारे बुजुर्ग तो नजर उतारते आए हैं। वो क्या है? वो भी ईश्वर पर विश्वास है।