राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में ड्यूटी में अलवर आए बीकानेर पुलिस बल पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में एक हेडकांस्टेबल सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। हेडकांस्टेबल के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बीकानेर पुलिस बल की रुकने की व्यवस्था अम्बेडकर नगर स्थित सामुदायिक भवन में की गई। सामुदायिक भवन में सोमवार रात को करीब 65 पुलिसकर्मी ठहरे थे। रात करीब 10 बजे गांव बेलाका निवासी एक व्यक्ति वहां आया। जिसकी किसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई।
इसके बाद उक्त व्यक्ति ने अपने गांव में फोन कर बदमाशों को बुला लिया। कुछ ही देर में समुदाय विशेष के करीब 70-80 लोग हाथों में लाठी-सरिये आदि लेकर सामुदायिक भवन में घुस गए। लोगों ने पुलिस बल पर जानलेवा हमला कर दिया।
ये घायल
हमले में बीकानेर पुलिस के हेडकांस्टेबल यूनुस खान, कांस्टेबल ताराचंद, हरेन्द्र और एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। यूनुस खान के सिर में गहरी चोट आई है। जिसके बाद उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में हेडकांस्टेबल का इलाज जारी है।
मामले को लेकर बीकानेर पुलिस के कांस्टेबल भरतपुर के डीग निवासी हरेन्द्र ने हमलावर मुबीन सरपंच सहित 70-80 अन्य लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि वारदात सोमवार की रात की है लेकिन अलवर पुलिस ने मामला दबाए रखा। अब मामले को लेकर अलवर पुलिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।