सरिस्का नेशनल पार्क से निकलकर दौसा के चिल्लीबास क्षेत्र में स्थित एक फार्म हाउस में छिपे टाइगर को वन विभाग की टीम ने ट्रेंक्यूलाइज कर रेस्क्यू कर लिया। 200 किलो वजनी इस टाइगर को दस लोगों की मदद से उठाया जा सका।
देर रात चिल्लीबास स्थित फार्म हाउस में टाइगर के होने की सूचना मिलने के बाद वनकर्मी जब फार्म हाउस पहुंचे तो एक कमरे में सो रहे कर्मी ने टाइगर की दहाड़ सुनी और जल्दी से अन्य कर्मचारियों को बुलाया। वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए पूरे गांव की घेराबंदी कर दी और लंबे समय तक प्रयास करने के बाद टाइगर को ट्रेंक्यूलाइज कर दिया।
यह टाइगर एक जनवरी को सरिस्का से निकलकर दौसा जिले के महुखुर्द गांव पहुंचा था, जहां उसने तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद वनकर्मी इसे पकड़ने के लिए कई दिनों से प्रयास कर रहे थे लेकिन यह पूरे दिन खेतों में छिपकर वनकर्मियों को छकाता रहा। गुरुवार को भी इसे ट्रेंक्यूलाइज करने की कोशिश की गई थी लेकिन वहां से भी वह बच निकलने में कामयाब हो गया था।
इसके बाद आज सरिस्का और रणथंभौर दोनों वन क्षेत्रों की टीमों के संयुक्त प्रयासों के बाद इस टाइगर को ट्रेंक्यूलाइज किया जा सका। सरिस्का के डीएफओ अभिमन्यु सहारण ने कहा कि यह टाइगर अब सरिस्का पहुंच चुका है और फिलहाल इसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इसे जंगल में कब छोड़ा जाएगा, यह अभी तय नहीं किया गया है।