प्रदर्शन करते हुए परिजन व क्षेत्रवासी।
- फोटो : अमर उजाला
अलवर में पशु मित्र की मौत को मर्डर बताते हुए परिजनों ने तीसरी बार विरोध-प्रदर्शन किया। पशु मित्र का तीन महीने पहले हॉस्पिटल में ही शव मिला था। उसके गले पर कट का निशान था। परिजनों का कहना है कि ये सुसाइड नहीं मर्डर था। मामले में दोषियों की गिरफ्तारी हो और पीड़ित के परिजनों को नौकरी और आर्थिक सहायता दी जाए।
बता दें कि अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र के भवानीतोप स्थित पशु हॉस्पिटल में करीब तीन महीने पहले पशु मित्र यूपेन्द्र कश्यप पुत्र रोहिताश कश्यप निवासी ग्राम बंदीपुरा का शव मिला था। मृतक के परिजनों ने बताया कि मालाखेड़ा में पशु मित्र सहायक के पद पर संविदा पर लगा हुआ था। हरिप्रसाद एलएसए और डॉ. मुरारी लाल पशु हॉस्पिटल में कार्यरत हैं। उनके अधीनस्थ ही भतीजा काम करता था। घटना के करीब 4-5 दिन पहले से हरि प्रसाद और डॉ. मुरारी लाल मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके कारण वह तीन दिन से हॉस्पिटल भी नहीं गया था।
परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग
22 मार्च को दोनों ने यूपेंद्र को अलवर में खुद के सरकारी क्वार्टर पर बुलाया था। उसके बाद शाम साढ़े 6 बजे बताया गया कि यूपेंद्र बीमार है। फिर कहा कि उसने गला काट लिया है। यह सब साजिश के तहत मर्डर किया गया है। मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार के किसी एक जने को नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का जीवन यापन हो सकें। इससे पहले भी धरना प्रदर्शन किया था। तब पुलिस ने आश्वासन दिया था। बाद में जयपुर में सरकार के बड़े अफसरों को भी घटना से अवगत कराया गया। अब वापस यहां आकर विरोध जताया गया है, ताकि न्याय मिल सके।