अलवर में खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से 2024 में अक्तूबर तक लिए गए 816 सैंपलों में से 30 प्रतिशत से अधिक यानी 249 सैंपल अमानक पाए गए। न्यायालय ने 237 मामलों में 56,59,500 रुपये का जुर्माना लगाया। अक्तूबर महीने में 163 सैंपल लिए गए, जिनमें से 96 सैंपलों के परिणाम आए और 37 अमानक पाए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी केशव कुमार गोयल ने बताया कि अक्तूबर महीने तक करीब 816 सैंपल लिए गए थे, जिनमें में 249 सैंपल फेल पाए गए। इनके खिलाफ कोर्ट में परिवाद पेश किया गया। इस पर न्यायालय एक्शन लेते 237 केसों में करीब 56 लाख 59500 का जुर्माना लगाया गया है।
अक्तूबर महीने में करीब 163 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 96 सैंपल का रिजल्ट आया है। उनमें करीब 37 सैंपल अमानक पाए गए हैं, जिनके खिलाफ भी न्यायालय में परिवाद पेश किया जाएगा। वहीं देरी से सैंपल का रिजल्ट आने पर बताया कि मुख्य त्योहारों पर खाद्य सुरक्षा विभाग पर ज्यादा दबाव पड़ जाता है। जिसके चलते करीब एक महीने में लिए गए सैंपल का रिजल्ट कार्यालय तक पहुंच जाता है। अगर खाद्य सुरक्षा विभाग किसी भी होटल या अन्य संस्थाओं पर जांच करने पहुंचती है तो किसी पदार्थ में अगर बदबू सड़ा या साफ सफाई गलत पाई जाती है तो उसको मौके पर ही नष्ट किया जाता है, ताकि आम जनता तक वह दूषित खाद्य पदार्थ न पहुंच पाए। वहीं अगर मोबाइल वैन खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला की बात करें तो वह आम जनता में जागरूकता फैलाने का काम करती है।
अगर कोई भी आम आदमी अपने रोजमर्रा का समान खरीद कर लाता है और अगर उसको उसकी जांच करवानी होती है तो वह निशुल्क वैन से जांच करवा सकता है। इसका रिजल्ट महज 10 से 15 मिनट में उसको मिल जाता है। वहीं वैन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है कि आप अपने घर मे खाद्य पदार्थों का कैसे देखरेख कर सकते हो उनको कैसे संभाल कर रखा जा सकता है अलवर व खेरथल में यह प्रयोगशाला काम करती है जिसका रूट चार्ट हर सप्ताह खाद्य सुरक्षा अधिकारी तय करते हैं।