अजमेर में शिक्षक ने बच्चे को पीटा
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जालोर में शिक्षक की पिटाई से दलित बच्चे की मौत पर सियासत जारी है। इसी बीच अजमेर से भी सरकारी स्कूल में बच्चे की पिटाई का केस दर्ज करवाया गया है। आरोप है कि सरकारी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल ने नौ साल के बच्चे की बेहरमी से पिटाई कर दी। जिससे मासूम की आंखों में गहरी चोट आई। पिटाई के कारण अब बच्चे को धुंधला दिखने लगा है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बिजयनगर के संजय नगर बराल सेकेंड निवासी शंभू सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाया है। जिसमें उसने बताया कि उनका नौ साल का बेटा पंकज सिंह चौहान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की चौथी क्लास में पढ़ाई करता है। मंगलवार को मासूम क्लास से निकलकर टॉयलेट जा रहा था। इसी दौरान स्कूल के वाइस प्रिंसिपल संजय कुमार जोशी ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई से बच्चे की आंख पर सूजन हो गई। उसे अब धुंधला दिखाई दे रहा है।
पीड़ित बच्चे ने बताया कि वह शिक्षक से पूछकर टॉयलेट करने जा रहा था। क्लास में दूसरे बच्चे बदमाशी कर रहे थे। इसी दौरान वाइस प्रिंसिपल संजय कुमार जोशी वहां पहुंचे। उसकी पिटाई कर दी। मासूम ने बताया कि प्रिंसिपल ने अंगूठी पहन रखी थी, जिसके कारण उसके आंख पर लग गई। अब उसे धुंधला दिख रहा है। बच्चे को जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका इलाज करवाया गया।
शिक्षक ने कहा-आरोप झूठे
वहीं आरोपी वाइस प्रिसिंपल संजय शर्मा का कहना रहा कि बच्चे आपस में लड़ रहे थे। जब वह गुजरे तो वे भागे और वह बच्चा नीचे गिर गया। जिससे उसके चोट लगी। मुझपर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। पिता ने प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बच्चे का मेडिकल भी करवा गया है।
बता दें कि जालोर के सुराणा गांव के नौ साल के इंद्र मेघवाल की शिक्षक की पिटाई से मौत हो गई। इंद्र सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। 20 जुलाई को बच्चे ने स्कूल में रखे एक मटके से पानी पी लिया था। इस बात पर शिक्षक छैल सिंह ने उसकी पिटाई कर दी। मासूम को गंभीर हालत में उदयुपर और अहमदाबाद में ले जाया गया। 24 दिन चले इलाज के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार शाम को बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले को लेकर खूब राजनीति हो रही है।