पुलिस के साथ छात्र नेताओं की धक्का-मुक्की।
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अजमेर की महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर राजस्थान में इस साल छात्र संघ चुनाव नहीं होने पर सामूहिक प्रदर्शन किया। यूनिवर्सिटी में इसे लेकर छात्र संगठनों ने कुलपति डॉ. अनिल शुक्ला को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान छात्र नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस साल छात्र संघ चुनाव नहीं हुए तो छात्र नेता जयपुर में एक बड़ा आंदोलन करेंगे। छात्र नेताओं ने कुछ देर तक मुख्य गेट पर धरना देकर विरोध जताया। बाद में सभी कुलपति भवन तक जाने के लिए निकले तो पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। बाद में यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अनिल शुक्ला खुद बाहर पहुंचे और दोनों संगठनों से ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया।
छात्र संघ चुनाव लोकतंत्र की पहली सीढ़ी
एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष भगवान सिंह चौहान ने बताया कि परीक्षा परिणाम और प्रवेश कार्यक्रम का हवाला देते हुए छात्र संघ चुनावों पर रोक लगाई है। यह प्रशासन की ढिलाई के कारण हुआ है, इसमें छात्र-छात्राओं की क्या गलती है। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव लोकतंत्र की पहली सीढ़ी होता है। छात्रों को छात्र संघ चुनाव के माध्यम से लोकतंत्र को नजदीक से जानने का अवसर मिलता है।
चुनाव नहीं करवाना लोकतंत्र की हत्या करने के सम्मान
इस वर्ष छात्र संघ चुनाव नहीं करवाना लोकतंत्र की हत्या करने के सम्मान है। पूर्व जिला अध्यक्ष भगवान सिंह चौहान ने कहा कि लोकतंत्र के बहाली के लिए हमारी मांग है कि राज्य सरकार को कुलपति पत्र लिखकर छात्रसंघ चुनाव करवाने की अनुशंसा करें। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो युवाओं के द्वारा जयपुर में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।