अजमेर जिले के मदनगंज किशनगढ़ में दुष्कर्म का आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद पीड़िता के परिवार को धमकाने लगा। मामले की शिकायत करने पर कोर्ट ने आरोपी लोकेश रैगर, निवासी ग्राम रलावता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश पुलिस थाना गांधीनगर को दिए हैं। आदेश के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार परिवादी निवासी ग्राम रलावता ने अपने वकील पंडित रुपेश शर्मा के जरिए सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि अभियुक्त लोकेश ने परिवादी की नाबालिग बहन के साथ जबरदस्ती की थी। अभियुक्त लोकेश के खिलाफ पोक्सो का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। मामला अजमेर पोक्सो न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त मुकदमे से जमानत पर रिहा होने के पश्चात अभियुक्त लोकेश अपने साथी दयाशंकर, हंसराज, अनील के साथ मिलकर परिवादी को धमकाना शुरू कर दिया।
बीते दिनों परिवादी के खेत पर जाकर सभी अभियुक्त ने परिवादी एवं उसके पिता के साथ गाली गलौच की। साथ ही मुकदमा नहीं उठाने पर जान से मारने की धमकी भी दी। अभियुक्त लोकेश ने परिवादी के भाई को स्टेटस भेज कर धमकाया, जिसमें लिखा था कि हथकड़ी हमारा जेवर और रिश्ते में हम सरकार के जमाई लगते हैं। हमें कोई अपना ही फंसवा सकता है जनाब, क्योंकि दुश्मन तो हमे देख कर गाड़ी पलटा कर भागते हैं। वकील बदलने से ज्यादा हम जज खरीदने में यकीन रखते हैं। पिंजरा शेर के लिए होता है कुत्तों के लिए नहीं, शेर पिंजरे में क्या चला गया कुत्ते भौंकने लगे।
इस प्रकार के स्टेटस टैग कर धमकाने लगा। मामले की शिकायत परिवादी ने पुलिस थाना गांधी नगर पर की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवादी ने वकील पंडित रुपेश शर्मा के जरिए सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। उक्त सभी तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय ने अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश पुलिस थाना गांधी नगर को दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।