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Cyber Crime: शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर करते थे ठगी, 19 लाख नकदी के साथ पुलिस हिरासत में साइबर ठग

Mon, 15 Jul 2024 05:53 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर पुलिस ने शेयर मार्केट में बड़े मुनाफे का झांसा देकर ठगी की वारदात करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लगभग 19 लाख रुपये नकद और 14 मोबाइल के साथ, 8 सिम, 4 एटीएम कार्ड और कई पासबुकें जब्त की हैं।
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस ने सोमवार को शेयर मार्केट में बड़े मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले दो आरोपियों से 19 लाख 46 हजार 800 रुपए नकद, 14 मोबाइल, 8 सिम, 4 एटीएम डेबिट कार्ड और अन्य व्यक्तियों की पासबुक बरामद की है। साथ ही पुलिस ने मामले में 8 लाख 75 हजार 500 रुपए बैंक अकाउंट में फ्रीज करवाए हैं। 

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साइबर थाना पुलिस ने मामले में 28 अन्य आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी है। मामले का खुलासा करते हुए अजमेर एसपी देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि पीड़ित को सोशल मीडिया पर कांटेक्ट करके शेयर मार्केट में बड़ा मुनाफा देने का झांसा देकर मोतीलाल ओसवाल पीएमएस का फर्जी ऐप डाउनलोड करवाया और बाद में एप के जरिए टुकड़ों में करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपए की ठगी की। 

पीड़ित की रिपोर्ट पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर सब इंस्पेक्टर मनीष चारण के नेतृत्व में टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। एसपी देवेन्द्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि टीम ने संबंधित बैंकों के नोडल अधिकारी और अन्य कर्मचारियों के सहयोग लेकर आरोपियों को चिन्हित किया और कुचेरा जिला नागौर निवासी हरीश शर्मा (20) पुत्र संजय शर्मा व डेगाना जिला नागौर निवासी रघुनाथ पुत्र रामदेव चौधरी को गिरफ्तार किया। 
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एसपी बिश्नोई ने बताया कि आरोपी हरीश शर्मा के कब्जे से 16 लाख 56 हजार 800 रुपए नकद, दो मोबाइल और रघुनाथ के कब्जे से 12 मोबाइल, 4 पीएनबी बैंक की अन्य व्यक्तियों की पासबुक, 4 एटीएम डेबिट कार्ड, 8 मोबाइल सिम व 2 लाख 90 हजार नकद जब्त किए गए। पुलिस ने मामले में 28 अन्य आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है।

ऐसे करते थे वारदात

एसपी देवेन्द्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि साइबर ठगी करने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अच्छे मुनाफे का झांसा देते थे। बाद में निवेश के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खातों में रकम डलवाकर क्रिप्टो करंसी/USDT में बदलने बाद उसे भारतीय मुद्रा में बदलकर फर्जी तरीके से प्राप्त अन्य बैंक खातों में डलवाकर नकद निकाल लेते हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से मामले में पूछताछ जारी है, पुलिस को इन आरोपियों से अन्य वारदातें खुलने की उम्मीद है।

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