फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ajmer: पूर्व RTDC चेयरमैन बोले- अयोध्या-काशी से भव्य हो ब्रह्मलोक कॉरिडोर, प्रोजेक्ट सार्वजनिक करने की मांग

Sat, 08 Feb 2025 04:44 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने पुष्कर में ब्रह्मलोक कॉरिडोर प्रोजेक्ट को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को अयोध्या और काशी की तर्ज पर भव्यतम बनाने की मांग करते हुए कहा कि इसके निर्माण में जनभावना का पूरा ध्यान रखा जाए। 
विज्ञापन
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान पर्यटन विकास निगम  के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने पुष्कर में ब्रह्मलोक कॉरिडोर को अयोध्या और काशी की तर्ज पर और भी भव्य बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को कॉरिडोर प्रोजेक्ट सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में किसी भी व्यक्ति को नुकसान न हो, साथ ही जनभावना का भी पूरा ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने पुष्कर विकास प्राधिकरण को लागू कराने की भी मांग की है।
विज्ञापन


राठौड़ ने कहा कि पुष्कर में ब्रह्मलोक कॉरिडोर का कोई विरोध नहीं कर रहा, बल्कि इसे सार्वजनिक नहीं करने से स्थानीय लोगों में भ्रम और आशंका है। मकान-दुकान टूटने के भय से लोग चिंतित हैं। सरकार को पुष्करवासियों को विश्वास में लेकर प्रोजेक्ट का मॉडल सामने लाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोग इसे समझ सकें और सहमति जता सकें।

उन्होंने बताया कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में ब्रह्मलोक कॉरिडोर ड्रीम प्रोजेक्ट था, जिसकी भव्यता सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस नेता वैद्यनाथ पाराशर और श्री तीर्थ गुरु पुष्कर पुरोहित संघ के प्रतिनिधियों ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का दौरा कर सहमति जताई थी। आर्किटेक्ट अनूप भड़तिया ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर इसकी डिजाइन तैयार की थी।
विज्ञापन


गहलोत सरकार ने पुष्कर विकास प्राधिकरण बोर्ड के गठन और 500 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा भी की थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। राठौड़ ने मौजूदा सरकार से इसे जल्द लागू करने की अपील की और कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी से भी मुलाकात की जाएगी।

राठौड़ ने केंद्र सरकार से EWS आरक्षण के राजस्थान मॉडल को पूरे देश में लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EWS) आरक्षण की जटिल शर्तों के कारण सामान्य वर्ग के युवा इसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे थे। राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने इस नीति को सरल बनाया और संपत्ति की शर्तों को हटाकर केवल 8 लाख रुपये की वार्षिक आय के आधार पर आरक्षण लागू किया। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरियों का लाभ मिला।

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राजस्थान मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाए ताकि युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों में भी समान अवसर मिल सकें। इसके अलावा उन्होंने पंचायती राज में OBC की तरह EWS आरक्षण को भी लागू करने की मांग की।

पूर्व आरटीडीसी चैयरमेन धर्मेंद्र राठौड़ मीडिया से रूबरू होते हुए

 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें