आप कार्यकर्ताओं ने किया जेएलएन अस्पताल का निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में आम आदमी पार्टी द्वारा प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे अस्पताल विजिट कैंपेन के अंतर्गत बुधवार को अजमेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जवाहरलाल नेहरू अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में विभिन्न काउंटर्स यथा रजिस्ट्रेशन काउंटर, दवाई काउंटर, वरिष्ठ नागरिक रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी के बाहर लोगों की लंबी लाइन देखी गई, जिसके कारण लोगों में आक्रोश था।
मौजूद आमजन से बात करने पर उनके द्वारा अस्पताल प्रशासन द्वारा उनकी परेशानियों से आंखें मूंद रखने का आरोप लगाया गया। कई लोगों ने कहा कि लंबी लाइन में खड़े होने के पश्चात जब नंबर आता है तो मुफ्त दवा योजना के अंतर्गत मिलने वाली कई दवाइयां अनुपलब्ध होती हैं और उन्हें खुले बाज़ार से ख़रीदने के अलावा कोई और चारा नहीं होता है।
यह भी पढ़ें: मां गंगा की तर्ज पर टोंक की बनास नदी में शुरू हुई अनूठी पहल, देखें वीडियो
अस्पताल प्रशासन से बात करने पर उन्होंने व्यवस्थाओं के लगातार दुरुस्त होने की बात कही। अस्पताल प्रशासन द्वारा दो महीने के समय में लंबी लाइनों से छुटकारा पाने का दावा किया गया। आप राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष कीर्ति पाठक ने सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं पर प्रहार करते हुए कहा कि संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल स्वयं बीमार है। अजमेर के जेएलएन अस्पताल में रोजाना करीब पांच से छह हज़ार ओपीडी में मरीज़ आते हैं और तक़रीबन साढ़े तीन सौ मरीज़ भर्ती किए जाते हैं। जिन्हें बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर शून्य सुविधाएं मिल रही हैं। गर्मियां शुरू हो चुकी हैं पर वार्डों में पंखे खराब पड़े हैं और एसी की सर्विसिंग अभी तक नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें: होली से शीतला सप्तमी तक आदिवासी समाज की महिलाएं रास्ता रोक मांगती हैं नारियल नेग
सरकार की स्वास्थ्य योजना में मुफ्त का जो ढोल पीटा जाता है, उसकी धरातल की सच्चाई कुछ और ही है। आम व्यक्ति अक्सर उनके लाभ से वंचित रह जाता है। लंबी लाइन का दंश भोगती आम जनता बीमारी में और बीमार हो जाती है। परिजनों को अपनी एक दिन की दिहाड़ी छोड़कर इलाज करवाना पड़ता है। किसी नेता अथवा जानकार की सहायता के बिना आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिलता। झुग्गी झोंपड़ी और गांव में रहने वाला आम नागरिक सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित रहता है। अस्पताल में स्वीकृत विभिन्न पदों के रिक्त पड़े रहने से अस्पताल व्यवस्थाएं चरमराई रहती हैं।
यह भी पढ़ें: नगर परिषद का अतिक्रमण विरोधी अभियान, जगदीश टॉकीज रोड पर चला पीला पंजा
जिला उपाध्यक्ष डॉ. हिमनंदिनी चौहान ने बताया कि सफाईकर्मी की कमी के कारण सारे वार्ड में गंदगी का आलम छाया रहता है। मरीजों के परिजन स्वयं स्ट्रेचर खींच कर मरीजों को इधर से उधर ले कर जाते हैं। वीआईपी कल्चर के चलते आम जनता अपने आप को ठगा हुआ सा महसूस करती है। आज निरीक्षण के दौरान अजमेर जिला के विभिन्न पदाधिकारी हेमंत गहरवार, आफ़ाक अली ख़ान, राजवीर सिंह, ऋषिदत्त शर्मा, एडवोकेट पूनम मेहरा, संदीप शर्मा, वरुण तंवर, सुधीर बस्सी, राजीव मल्होत्रा और मुन्नालाल चौधरी आदि उपस्थित रहे।