जेएलएन अस्पताल में फॉल्स सीलिंग और प्लास्टर गिरा
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राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में शुक्रवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अस्पताल की इमरजेंसी के कैजुअल्टी गेट के ऊपर लगा प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस घटना में ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षा गार्ड सुमन को सिर पर मामूली चोट आई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां से कोई मरीज या उसके परिजन नहीं गुजर रहे थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, पहाड़गंज निवासी महिला सुरक्षा गार्ड सुमन इमरजेंसी वार्ड के भीतर से मरीजों के परिजनों को बाहर निकाल रही थीं। इसी दौरान कैजुअल्टी गेट के ऊपर का प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग अचानक गिर गई। तेज आवाज के साथ हुए इस हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा और घायल गार्ड को प्राथमिक उपचार दिया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत सामान्य है।
मरम्मत पर करोड़ों खर्च, फिर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल भवन के रखरखाव और मरम्मत के लिए पिछले एक वर्ष में लोक निर्माण विभाग को चार करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी किया गया है। इसके बावजूद भवन के कई हिस्सों से प्लास्टर गिरने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ताजा घटना ने मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी को भेजा नोटिस
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने बताया कि कैजुअल्टी गेट के ऊपर हाल ही में पीडब्ल्यूडी द्वारा मरम्मत कार्य कराया गया था, लेकिन उसी हिस्से के पास का प्लास्टर गिर गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन के कई हिस्सों की मरम्मत के लिए विभाग को पहले भी कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। घटना के बाद पीडब्ल्यूडी को तत्काल नोटिस जारी कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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24 घंटे व्यस्त रहता है कैजुअल्टी क्षेत्र
कैजुअल्टी अस्पताल का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, जहां दिन-रात मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में इस तरह की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है। मरीजों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की व्यापक मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।