राजस्थान के धौलपुर जिले में लव मैरिज करने वाला युवक इन दिनों अस्पताल में मौत से लड़ रहा है। इसके बाद भी उसके परिजन युवक के साथ नहीं हैं। प्रेम विवाह करने के बाद परिजनों ने उसे घर से बाहर निकालकर रिश्ता खत्म कर दिया था। अब वह ब्लड कैंसर होने के कारण मौत से लड़ रहा है, लेकिन परिवार वाले उससे इस कदर नाराज हैं कि बेटे को देखने तक नहीं आए।
दरअसल, नवंबर महीने में लव मैरिज करने के बाद दंपति को उनके परिवार वालों ने घर से निकाल दिया था। लड़की और लड़के दोनों के ही परिजन उनसे नाराज हैं। इधर, घर से निकाले जाने के बाद दंपति श्रीनगर चले गए और वहां दिहाड़ी मजदूरी करने लगे। इस दौरान युवक की तबीयत खराब हुई तो उसने जांच कराई। जिसमें उसे (ए प्लास्टिक एनीमिया) ब्लड कैंसर होने की बात सामने आई। इसके बाद युवक की पत्नी उसे लेकर धौलपुर आ गई। यहां सरकार की निशुल्क योजना के तहत अस्पताल प्रबंधन ने युवक को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद परिजनों को सूचना दे दी। 15 जून से अस्पताल में भर्ती युवक को उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
परिजनों की नाराजगी ऐसी है कि बेटे की गंभीर बीमारी का पता चलने के बाद भी उसके घरवाले इलाज के लिए आगे नहीं आ रहे। इस कारण युवक की आठ महीने की गर्भवती पत्नी ने परिजनों से उसका इलाज कराने की गुहार लगाई है। ब्लड कैंसर से पीड़ित युवक दीपक (24) भरतपुर जिले के रूपवास थाना इलाके के मिलिस्मा गांव का रहने वाला है। उसने नवंबर महीने में अपने पड़ोस में आई लखनऊ की रहने वाली युवती मुस्कान से मंदिर में जाकर प्रेम विवाह कर लिया था।
घरवालों की नाराजगी के बाद युवक अपनी पत्नी को लेकर श्रीनगर मजदूरी करने के लिए चला गया। जहां उसे ब्लड कैंसर होने का पता चला। आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते युवक पत्नी के साथ इलाज कराने के लिए धौलपुर अस्पताल आ गया। उसकी पत्नी ने कई बार ससुराल और पीहर पक्ष को फोन कर पति का इलाज कराने की गुहार लगाई, लेकिन परिवार वालों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
तो हो जाएगी मौत
पीएमओ डॉ समर वीर सिंह ने बताया कि युवक के बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत है। जिसके लिए उसे जयपुर रैफर किया गया है। अस्पताल की ओर से परिजनों को सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक कोई भी इलाज के लिए आगे नहीं आया है। उन्होंने बताया कि अगर मरीज का बोन मैरो ट्रांसप्लांट नहीं किया गया तो उसकी जान भी जा सकती है।
पत्नी भी है बीमार
जिंदगी और मौत से लड़ रहे पति को बचाने के लिए दिन रात सेवा में लगी उसकी पत्नी भी एनीमिया से पीड़ित है। हालत यह है कि इलाज कराना तो दूर दंपति के पास खाने के भी पैसे नहीं हैं। ऐसे में अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ द्वारा उनकी आर्थिक मदद की जा रही है। हालांकि यह मदद इलाज के काफी नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने दंपति के घरवालों से सारी बाते भूलकर युवक का इलाज कराने की अपील की है।