हाइवे पर टोल से परेशान लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। केन्द्र सरकार ऐसी योजना पर विचार कर रही है कि जहां तक हाईवे पर जाना होगा, वहीं तक का टोल लगेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान के साथ मुलाकात के दौरान बताया कि उनका मंत्रालय नई टोल नीति पर विचार कर रहा है। इसके अनुसार वाहन चालक को सड़क पर जहां तक जाना है, उसे वहीं तक का ही टोल देना पड़ेगा।
दरअसल, गडकरी से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान ने दिल्ली में मुलाकात की और काम पूरा होने तक एनएच-8 (दिल्ली-जयपुर हाइवे) पर टोल वसूली बंद करने का मामला उठाया था। इस पर गडकरी ने अनुबंध की शर्तो के मुताबिक ऐसा करने पर मजबूरी जताई।
जयपुर-दिल्ली हाईवे को चौड़ा करने के कार्य में हो रही देरी के कारणों का पता करने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव और राजस्थान के मुख्य सचिव संयुक्त मौका मुआयना करेंगे। देरी के लिए एनएचएआईए राज्य सरकार और अनुबंधित फर्म की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
गडकरी को बताया गया कि राजस्थान के एक तरफ पाकिस्तान से सटती 11 सौ किलोमीटर लम्बी अंतरराष्ट्रीय सीमा है तो दूसरी तरफ करीब ढाई सौ किलोमीटर लम्बी सीमा चम्बल नदी की है। इस कारण वाहनों को प्रदेश में प्रवेश कम होने और केन्द्र का कुल लागत का महज 20 फीसदी ही देने के कारण पीपीपी मॉडल पर सड़क परियोजनाएं वाइबल नहीं हो पाती है। इसलिए केन्द्र को अपनी हिस्सेदारी 30 फीसदी करनी चाहिए। इस पर गडकरी ने मामले का परीक्षण कराकर उचित कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया।