धरना प्रदर्शन करते एबीवीपी के कार्यकर्ता
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छात्र संघ अध्यक्ष नितेश कुशवाहा ने बताया हाल ही में ब्रिज विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा तुगलकी फरमान जारी कर फीस वृद्धि में भारी इजाफा किया है। पूर्व में सरकारी फीस लगभग ₹2000 के आसपास रहती थी। अमुक फीस को भरने में सभी वर्ग के विद्यार्थी सक्षम थे। लेकिन बृज विश्वविद्यालय के कुलपति ने 6000 से अधिक रुपए का फीस में इजाफा किया है। भारी भरकम फीस होने की वजह से गरीब छात्र छात्राएं पढ़ाई से वंचित रह सकते हैं। एक तरफ सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं दे रही है। वहीं दूसरी तरफ फीस में वृद्धि करने से सरकार की दोगली नीति साबित हो रही है। फीस वृद्धि को लेकर विद्यार्थियों में आक्रोश भड़क रहा है।
कुलपति को बर्खास्त करने की भी मांग
सोमवार को जिला मुख्यालय समेत बाड़ी, बसेड़ी, सैपऊ, राजाखेड़ा एवं बसई नवाब राजकीय महाविद्यालय पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी ने विरोध प्रदर्शन किया है। विरोध प्रदर्शन का सभी छात्र-छात्राओं ने समर्थन किया है। महाविद्यालय के सामने फर्श बिछाकर विद्यार्थी धरने पर बैठ गए हैं। सरकार एवं कुलपति के खिलाफ हंगामा किया जा रहा है। कुलपति को बर्खास्त करने की भी मांग विद्यार्थियों द्वारा की जा रही है। विद्यार्थियों ने चेतावनी देते हुए कहा अगर फीस को कम नहीं किया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।