इस दौरान बाबा रामदेव ने विद्यार्थियों को अच्छे संस्कारों के साथ ही राजनीतिक ज्ञान भी दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में जमकर पढ़ाई करना जरूरी है। रामदेव ने कहा कि यहां उपस्थित विद्यार्थियों में सब खूब अच्छी पढाई कर रहे हैं। इस बात मुझे अंदाजा है। लेकिन, ये विद्यार्थियों आंदोलन तो उससे भी जोरदार करते हैं, ये मुझे यकीन है।
बाबा रामदेव ने कहा कि जब मैंने पढाई की तो बेहतर तरीके से की और जब आंदोलन किया तो देश के सबसे मजबूत परिवार की जड़ तक हिला दिया। आज तक माफी मांगते हुए घूम रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को राजनीति में आगे आने के लिए भी प्ररित किया। उन्होंने कहा कि कोई विद्यार्थी एमएलए तो कोई एमपी कोई मुख्यमंत्री तो कोई प्रधानमंत्री बनेगा, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के लिए अभी 20 साल इंतजार करना पड़ेगा।
रामदेव बोले कि आज सबको लगता है कि एक चाय वाले के परिवार से प्रधानमंत्री बन सकता है तो मैं क्यों नहीं? बन सकते हो पर 20 साल लगेगें अभी जल्दबाजी बिल्कुल मत करना। उन्होंने कहा कि 2047 तक देश को 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बना कर देने। देश अमेरिका से भी आगे निकल जाएगा। बाबा रामदेव ने विद्यार्थियों को योग और योगी शरीर का भी महत्व समझाया। इस दौरान उन्होंने सदा योगी बनने और अगले अधिवेशन में भी आने का वादा किया। बाबा रामदेव ने एबीवीपी को अपना ही रिकॉर्ड सदस्यता 45 लाख के पार पहुंचाने पर भी बधाई दी।
अधिवेशन के शुभारंभ के सत्र में राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि एक बार फिर से अभाविप ने विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन होने का कीर्तिमान बनाया है। इस वर्ष अभाविप ने 11 नवंबर 2022 तक 4546845 सदस्यता की है जो पिछले वर्ष (33 लाख) के मुकाबले डेढ़ गुना से भी अधिक है। इस प्रकार अभाविप अपना ही कीर्तिमान स्वयं तोड़ रहा है।