राजस्थान में किसान की जमीन कर दी गई नीलाम
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राजस्थान में गहलोत सरकार द्वारा किसान की कर्जमाफी का वादा फेल होता दिखाई दे रहा है। दरअसल, दौसा जिले में कर्ज नहीं चुका पाने पर एक किसान की 15 बीघा जमीन अधिकारियों ने नीलाम कर दी। किसान ने अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई फिर भी अधिकारी नहीं माने। ऐसे में जमीन नीलाम होने के बाद किसान का परिवार आत्महत्या करने को मजबूर है। भाजपा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार कर्जमाफी के वादे के साथ सत्ता में आई थी लेकिन तीन साल बाद भी यह पूरा नहीं हो सका है।
क्या है मामला
जिस कजोड़ मीणा नाम के किसान की जमीन नीलामी की गई है वह दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा के जामुन की ढाणी का रहने वाला था। कजोड़ मीणा ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से केसीसी का लोन लिया था। वर्ष 2017 तक किसान ने सात लाख रुपये नहीं चुकाया। दुर्भाग्य से कुछ दिन बाद कजोड़ मीणा की मौत भी हो गई। इसके बाद बैंक उसके बेटे पर पैसे जमा करने के लिए दबाव बनाने लगी, लेकिन बेटे ने असमर्थता जताई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से और सरकार के कर्जमाफी के इंतजार में ऋण जमा नहीं हो पाया। इसके बाद तो बैंक बार-बार नोटिस भेजने लगी लेकिन किसान भी असमर्थता जताता रहा। अंत में बैंक के अधिकारियों ने जमीन को निलाम करने का फैसला लिया।
सात लाख का ऋण, 46 लाख 51 हजार रुपए में नीलाम हुई जमीन
जमीन कुर्की के आदेश के बाद जब किसान परिवार ने पैसे जमा नहीं किए ऐसे में मंगलवार को नीलामी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। ऐसे में किसान कजोड़ मीणा की करीब 15 बीघा 2 बिस्वा जमीन की नीलामी हुई। और 46 लाख 51 हजार रुपए में किसान की जमीन नीलाम कर दी गई।