डीग जिले में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत 15 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 24 मोबाइल फोन, 81 सिम कार्ड, 37 खाली सिम रैपर, 10 एटीएम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया है। इसके अलावा, छह बैंक पासबुक, दो चेकबुक, एक फर्जी आधार कार्ड और 85,600 रुपये की नकदी भी जब्त की है। पुलिस ने साइबर ठगी की कमाई से खरीदी गई चार महंगी गाड़ियों को भी जब्त किया है, जिनमें स्कॉर्पियो, थार, क्रेटा और एक बुलेट मोटरसाइकिल शामिल हैं।
200 से अधिक म्यूल बैंक खातों का रिकॉर्ड भी बरामद
जांच में सामने आया है कि गिरोह संगठित श्रृंखला बनाकर काम करता था। गिरोह फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड तैयार करके सीधे साइबर ठगों तक पहुंचाते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने राजस्थान और हरियाणा में सक्रिय साइबर अपराधियों को अब तक लगभग 500 फर्जी बैंक खाते और 1,500 फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराए हैं।
पुलिस की पड़ताल में आरोपियों के पास से 200 से अधिक म्यूल बैंक खातों का रिकॉर्ड भी बरामद हुआ है। पुलिस अब इन सभी खातों के जरिये हुई साइबर ठगी की राशि के लेनदेन की गहनता से जांच कर रही है। इस गिरोह में बैंक कर्मचारी राजकुमार और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले पीओएस विक्रेता अंकुश सक्सेना को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों से पूछताछ करके पता लगा रही है कि फर्जी खाते खुलवाने और सिम कार्ड उपलब्ध कराने में किस स्तर पर मदद की गई थी।
साइबर धोखाधड़ी की 287 शिकायतें
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े नेटवर्क के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर साइबर धोखाधड़ी की 287 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। इन दर्ज शिकायतों के विश्लेषण से पता चला है कि इस नेटवर्क के माध्यम से करीब 28 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। पुलिस टीम अब जब्त बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और सिम कार्ड का मिलान इन सभी दर्ज शिकायतों से कर रही है। बरामद 24 मोबाइल फोन में से 27 सिम कार्ड पहले से चालू स्थिति में थे, जबकि 54 अन्य सिम कार्ड अलग से बरामद किए गए। पुलिस जांच से स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड और बैंक खाते सक्रिय कर साइबर ठगों को बेच रहा था।
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ठगी की रकम से खरीदी गाड़ियां जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान साइबर ठगी की काली कमाई से खरीदी गई चार गाड़ियों को जब्त किया है। इनमें स्कॉर्पियो, थार, क्रेटा कार और एक बुलेट बाइक शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी वाहनों के दस्तावेज और आरोपियों के बैंक खातों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि स्पष्ट हो सके कि इन गाड़ियों को किन-किन साइबर अपराधों से प्राप्त राशि से खरीदा गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद ठगी की राशि से अर्जित अन्य संपत्तियों का भी पता लगाया जाएगा।
विभिन्न राज्यों से जुड़े 15 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 15 आरोपी अलग-अलग जिलों और राज्यों से संबंध रखते हैं। इनमें फरीदाबाद, नूंह, चूरू, कोटपूतली-बहरोड़, गाजियाबाद, दिल्ली, हापुड़, ग्रेटर नोएडा और डीग जिले के निवासी शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों में मोहित, इरसाद, शिवम नामदेव, अंकित पाल, रफीक, नरेन्द्र कुमार उर्फ बागड़ी, आशीष, सारूख, हर्ष शर्मा, अंकुश सक्सेना, साकिफ, राजकुमार, परवेज खान, हजरत बिलाल और मुस्तुफा खान शामिल हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने के साथ-साथ बरामद मोबाइल, लैपटॉप, सिम कार्ड और बैंक दस्तावेज की जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साइबर अपराधियों, फर्जी सिम सप्लायरों और बैंक खातों के नए सुराग सामने आएंगे।