राजस्थान के कोटा जिले में एक नाबालिग बच्ची ने नवजात को जन्म दिया है। मध्यप्रदेश की रहने वाली ये नाबालिग पढ़ाई के लिए कोटा आई थी। इस दौरान पेट दर्द की शिकायत होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। फिलहाल नाबालिग और उसका बच्चा दोनों सुरक्षित है। परिजनों ने नवजात को बाल कल्याण समिति में देने का फैसला किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि अब तक परिजनों की ओर से कोई केस दर्ज नहीं कराया है। इस कारण पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
जानकारी के अनुसार 16 साल की एक नाबालिग दो महीने पहले मध्यप्रदेश से कोटा आई थी। यहां उसने नीट की तैयारी करने के लिए एक कोचिंग में दाखिला लिया था। नाबालिग लड़की शहर के कुंहाड़ी इलाके में कमरा किराए पर लेकर रह रही थी। छात्रा ने पेट दर्द की बात परिजनों को बताई तो वे उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने नाबालिग के 8 महीने के गर्भवती होने की जानकारी दी। जिसके बाद पीड़ित नाबालिग को जेके लोन अस्पताल में भर्ती करवाया गया। नॉर्मल डिलीवरी के बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया। इसे लेकर नाबालिग के परिजन कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने थाने में भी कोई केस दर्ज नहीं कराया है।
इधर, सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति की पदाधिकारी काउंसलर को लेकर अस्पताल पहुंची। लेकिन नाबालिग प्रसूता के परिजनों ने उनसे बात करने से मना कर दिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति को वापस लौटना पड़ा। जेके लोन अस्पताल की एचओडी डॉ भारती सक्सेना ने बताया कि नाबालिग को सोमवार को भर्ती किया गया था। नॉर्मल डिलीवरी से उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। उसके परिजनों पहले बच्चे को रखने की इच्छा जताई थी, लेकिन अब वे उसे बाल कल्याण समिति को सौंपने की बात कह रहे हैं।
मामले को लेकर डीएसपी शंकर लाल ने कहा कि मामले में परिजनों की ओर से शिकायत का इंतजार है। उनके शिकायत करने पर जीरो पर एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाने को भेज दी जाएगी।