फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफीम के खेत में क्यों डर रहे किसान

Wed, 15 Mar 2017 05:16 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
अफीम - फोटो : Getty Images
विज्ञापन
बारां जिले के छबड़ा में इन दिनों अफीम की खेती करने वाले किसानों को अजीब सा डर सता रहा है। किसानों को अफीम के डोडे में चीरा लगाने से डर लग रहा है। इनका कहना है कि यदि चीरा लगाने के बाद पौधा जमीन पर गिर गया तो उनकी मेहनत पूरी खराब हो जाएगी।
विज्ञापन


दरअसल, मौसम बदलने के साथ ही किसानों को अफीम के डोडे तोड़ने की चिन्ता सताने लगती है। इसका कारण गरम होते तापमान में यदि समय पर अफीम के डोडे नहीं तोड़े जाते हैं तो उनका दूध सूखने लगता है। इस बार नारकोटिक्स विभाग ने किसानों को पट्टे देने की सौगात दी तो उनके चेहरे खिल उठे, लेकिन अब उनकी चिंता अफीम के पौधे में हुई बीमारी ने बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि पूर्वी हवाएं चलने और जड़ गलन रोग के चलते पौधो को नुकसान हो रहा है।

हालात यह है कि डोडे के चीरा लगाते ही पौधा गिर जाता है। ऐसे में नारकोटिक्स विभाग के मापदंड के अनुसार यदि अफीम नहीं निकली तो फिर से किसानों के पट्टे टूटने की संभावना बनी हुई है। अब किसान खड़ी फसल को हंकवाने के लिए नारकोटिक्स विभाग के चक्कर काट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एक तो फसल कम होना और फिर चोरी होने की बढ़ती घटनाओं के चलते भी किसान खेत में ही रात गुजार रहे हैं। उधर, भीलवाड़ा के बींगोद कस्बे में रविवार रात शोभाग सिंह बापना के खेत से लाखों के अफीम डोडे चोरी हो गए। भीलवाड़ा मार्ग पर पवनधाम के निकट उनका खेत है। गौरतलब है कि देश में पैदा होने वाली अफीम का साठ फीसदी हिस्सा राजस्थान में पैदा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें