पंजाब के पटियाला में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। युवक की हत्या उसके जन्मदिन वाले दिन की गई है। पटियाला के गांव बारन में जन्मदिन वाले दिन ही 24 साल के युवक का तेजधार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान विक्रमजीत सिंह के तौर पर हुई है। हमले में मृतक विक्रमजीत सिंह का पिता गंभीर घायल हुआ है। घायल पिता का सरकारी राजिंदरा अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना सोमवार देर रात की है। विक्रमजीत सिंह परिवार का इकलौता बेटा था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि रंजिश के चलते पड़ोस में रहने वाले परिवार के लोगों ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों की संख्या 15 के करीब है। थाना अनाज मंडी पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
मृतक विक्रमजीत की मां कर्मजीत कौर ने बताया कि सोमवार को उनके बेटे का जन्मदिन था। वह दोस्तों के साथ केक काट कर रात को मोटरसाइकिल पर घर वापस लौटा। अभी वह मोटरसाइकिल खड़ा कर ही रहा था कि इसी बीच विक्रमजीत सिंह की पड़ोसियों के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। इसके बाद पड़ोसी हरविंदर सिंह, उसके दो भतीजों ने बाहर से अपने 10 साथियों को बुला लिया।
मृतक की मां ने आरोप लगाया कि सभी आरोपी शराब के नशे में थे। आरोपी अपने घर की छत पर चढ़कर ललकारे मारने लगे। विक्रमजीत सिंह का पिता हरजिंदर सिंह घर से बाहर आया तो हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया। पिता को बचाने आए विक्रमजीत सिंह पर आरोपियों ने तेजधार हथियार (गंडासे, टाकुआ और बरछी) से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसपर कई वार किए। आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल बाप-बेटे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान विक्रमजीत सिंह की मौत हो गई।
चार महीने पहले बड़े भाई हुई थी मौत
कर्मजीत कौर ने बताया कि चार महीने पहले उनके 26 साल के बड़े बेटे की शूगर की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की सारी उम्मीदें विक्रमजीत सिंह से थी। पिता दिहाड़ी करते हैं। इससे ज्यादा कमाई न हो पाने के कारण परिवार पूरी तरह से विक्रमजीत सिंह पर निर्भर था। विक्रमजीत प्राइवेट अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के तौर पर काम करता था।
इटली जाने की तैयारी में था विक्रमजीत
जानकारी के मुताबिक एक सितंबर को विक्रमजीत सिंह का वीजा आने वाला था और वह इटली जाने की तैयारी में था। मां के मुताबिक सोमवार को जन्मदिन पर विक्रमजीत काफी खुश था और कह रहा था कि मम्मी बाहर जाने के लिए नया फोन और कपड़े लेने हैं। जवाब में कर्मजीत कौर ने कहा कि सब कुछ ले लेंगे, बस वह पहले अपना जन्मदिन उनके साथ मना ले। पता नहीं अब कितने साल बाद विदेश से आना हो। अब दोनों बेटों के जाने के बाद दोनों बुजुर्ग मां-बाप के पास एक बेटी रह गई है।