अबोहर में रोष मार्च निकालते बैंक यूनियन के सदस्य।
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लोकसभा के शीतकालीन अधिवेशन में बैंकिंग अमेंडमेंट बिल पेश करके सभी सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने का रास्ता साफ किया जा रहा है। इसी के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन द्वारा गुरुवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू की गई। अबोहर में हड़ताल के पहले दिन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने रोष मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह हड़ताल कल शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
बैंक ऑफिसर यूनियन के प्रधान अजय अग्रवाल व अमरजीत ने बताया कि केन्द्र सरकार पिछले काफी समय से सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। इसी के तहत शीतकालीन सत्र में बैंकिंग एमेंडमेंट बिल पारित कर सभी सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौपने का रास्ता साफ किया जाएगा। इसी के विरोध में सरकारी बैंकों के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं।
उन्होंने बताया कि आज पहले दिन सभी बैंकों के कर्मचारी पीएनबी मेन ब्रांच के बाहर एकत्रित हुए और वहां से रोष प्रदर्शन करते हुए झांसी मार्केट, अम्बेडकर चौक, लक्कड़ मंडी, सदर बाजार चौक, सरकुलर रोड, सैन चौक और हकीकत राय चौक होते हुए वापस पीएनबी मेन ब्रांच के सामने पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अजय अग्रवाल ने बताया कि कर्मचारी विरोधी केंद्र सरकार देश के सभी सरकारी विभागों का निजीकरण कर रही है लेकिन अगर बैंकों का निजीकरण हो गया तो देश के किसी भी नागरिक का पैसा बैंकों में सुरक्षित रहने की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पंजाब एंड सिंध बैंक के सामने सभी कर्मचारी संगठन एकत्रित होंगे और वहां से सदर बाजार होते हुए बस स्टैंड क्षेत्र में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की पोल खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार बैंकों के निजीकरण संबंधी बिल को रद्द नहीं करती तब तक उनका धरना प्रदर्शन इसी प्रकार से जारी रहेगा। वहीं शहर के सभी सरकारी बैंक बंद रहने से लोगों को बैंकिग संबंधी कामकाज को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।