पंजाब के कई हिस्सों में बुधवार देर रात चली धूल भरी आंधी और बारिश से तापमान में गुरुवार को 6.1 डिग्री की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह सामान्य से 4.8 डिग्री नीचे रहा। फरीदकोट में सबसे अधिक 22.8 एमएम बारिश हुई। वहीं, 39 डिग्री सेल्सियस के साथ गुरदासपुर सबसे गर्म रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन पंजाब का मौसम शुष्क रहेगा लेकिन इसके बाद मौसम एक फिर करवट लेगा। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 22 मई को पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक अमृतसर में 0.3 एमएम, लुधियाना में 7.8, पटियाला में 3.6, बठिंडा में 11.6, बरनाला में 7.0, जालंधर में भी 7.0, मोगा में 12.5, रोपड़ में 6.0 एमएम बरसात दर्ज की गई।
उधर, अमृतसर का अधिकतम तापमान 35.2, लुधियाना का 34.0, पटियाला का 36.0, पठानकोट का 36.1, बठिंडा का 34.4, जालंधर का 33.4, रोपड़ का 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सूबे के न्यूनतम पारे में भी गुरुवार को 3.3 डिग्री की कमी दर्ज की गई, जो सामान्य से 3.3 डिग्री नीचे रहा। पंजाब में सबसे कम तापमान फरीदकोट का 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुक्तसर में गिरे 200 से अधिक बिजली के खंभे
मुक्तसर जिले में आंधी से 200 से अधिक बिजली के खंभे और लगभग 15 ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचा है। वहीं, बिजली के तारों को भी क्षति पहुंची है। पावरकॉम अधिकारी और कर्मचारी बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने में जुटे हैं। गांधी नगर में गुरुद्वारा श्री सांझीवाल साहिब के पास दो बिजली के खंभे और कई पेड़ गिरे हैं। कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। लोगों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ा।
वहीं बरसात से बैंक रोड, सदर बाजार, कोटली रोड, आदर्श नगर, बाग वाली गली, गोनियाना रोड, मौड़ रोड, अबोहर रोड के कुछ निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। पावरकॉम के एसई मोहतम सिंह के अनुसार जिले में सबसे अधिक बिजली के खंभे गिरे हैं। अभी तक करीब 150 खंभे के तो सिर्फ लंबी क्षेत्र में गिरने की सूचना आई है। वहीं, बिजली आपूर्ति बहाल करने में लगभग 400 कर्मचारी जुटे हैं।
बठिंडा: रजवाहे में दरार पड़ने से आसपास के क्षेत्र में भरा पानी
बठिंडा में एनएफएल के साथ लगते रजवाहे में दरार पड़ने से आसपास के क्षेत्र में पानी भर गया। इसके चलते बठिंडा-फिरोजपुर रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर गया। बीती रात आंधी के बाद हुई बरसात के कारण रजवाहे में पानी ओवरफ्लो हो गया। इस वजह से रजवाहे में दरार पड़ गई।
जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात को आंधी की वजह से पेड़ रजवाहे में गिरे। इस कारण रजवाहे में पानी का बहाव ज्यादा होने कारण पानी ओवरफ्लो हो गया और दरार आ गई। गुरुवार सुबह जब अचानक रिहायशी एरिया में पानी भरने लगा तो मौके पर नहरी विभाग के अधिकारी पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों और जेसीबी मशीनों की सहायता से रजवाहे की दरार भरनी शुरू कर दी।
उधर, बठिंडा-फिरोजपुर रेलवे लाइन पर पानी भरने से जम्मू-अहमदाबाद ट्रेन को गोनियाना में ही रोकना पड़ा। वहीं बठिंडा-फिरोजपुर ट्रेन को रजवाहे से एक हजार मीटर पीछे रोक दिया गया।