कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को समाप्त करने में नाकाम रहने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रही है। सरकार की दलीलों से हाईकोर्ट ने असंतुष्टि जताई और इस मामले में समय देने की मांग करने पर नाराजगी व्यक्त की। अब हाईकोर्ट ने डीजीपी को अगली सुनवाई पर खुद पेश होकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए अराइव सेफ सोसाइटी चंडीगढ़ की ओर से बताया गया था कि सिख बंदियों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा ने चंडीगढ़-मोहाली मार्ग को बाधित किया है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि उनकी ओर से आंदोलन को समाप्त करने के लिए हर तरह का प्रयास किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि पिछली सुनवाई पर सरकार को मोहलत देते हुए कहा गया था कि इस मामले का हल निकालें लेकिन सरकार ऐसा करने में नाकाम रही।
इस पर पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि उनके प्रयास का नतीजा है कि पहले जहां आंदोलन स्थल पर 180 टेंट मौजूद थे वहीं अब वह घट कर 70 रह गए हैं। इस आंदोलन को जल्द समाप्त करवाया जाएगा और उन्हें इस मामले में कुछ और मोहलत दी जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार को लंबा समय देने से इनकार कर दिया और अगली सुनवाई पर इस बारे में ठोस जवाब सौंपने का आदेश दिया। साथ ही पंजाब के डीजीपी को आदेश दिया कि वह अगली सुनवाई पर कोर्ट में खुद हाजिर होंगे।
कोर्ट ने यह की थी टिप्पणी
पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने कहा था कि हमें विश्वास है कि सरकार आंदोलन शांतिपूर्वक समाप्त करने में सफल होगी। कोर्ट ने कहा था कि यह मामला संवेदनशील है लेकिन इसका अंत जल्द होना चाहिए। प्रदर्शन बेहद लंबे समय से चला आ रहा है और इसे अनिश्चित काल के लिए चलने नहीं दिया जा सकता।