पंजाब एसटीएफ ने ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में चल रहे ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क के तार एक ड्रग इंस्पेक्टर से जुड़े हुए थे, जिसका स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पर्दाफाश किया है। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर की पहचान शीशन मित्तल के रूप में हुई है।
एसटीएफ को ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल के खिलाफ सबूतों के आधार पर यह रेड की गई। एसटीएफ एडीजीपी नीलाभ किशोर ने बताया कि आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर पंजाब और हरियाणा की जेल में बंद कई ड्रग्स तस्करों के संपर्क में था। यहां तक की प्रदेश में गैर कानूनी ढंग से संचालित की जा रही कई फार्मासियुटिकल्स और मेडिकल स्टोरों को यह प्रतिबंधित दवाइयां और ड्रग्स मुहैया कराता था। ड्रग्स तस्करी और प्रतिबंधित ड्रग्स के नेटवर्क को चलाने से होने वाली कमाई यानी ड्रग मनी को आरोपी इंस्पेक्टर शिशन मित्तल ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर बेनामी खाते खोलकर उनमें यह पैसा जमा किया था। ऐसे 24 बैंक खातों का फ्रीज किया है, जिसमें 6.69 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जमा करा रखी है।
ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल फाजिल्का में तैनात है। इससे पहले वह बठिंडा और मानसा में भी काम कर चुका है। एसटीएफ ने बताया कि जब उनकी एक टीम ने वीरवार सुबह ड्रग इंस्पेक्टर से संबंधित मौड़ मंडी एरिया व शहर के गणपति एन्क्लेव में दबिश दी तो यहां से टीम को कई दस्तावेज बरामद हुए। एसटीएफ के डीएसपी परमजीत सिंह डोड और मौड़ मंडी में रविंदरपाल सिंह के नेतृत्व में दबिश के दौरान करीब 5 से 6 घंटे तक जांच चली। उन्होंने बताया कि मोहाली में दर्ज मामले के संबंध में जांच की है। कई मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ आरोपी के संबंध सामने आए हैं।
जेल में बंद तस्करों की मदद से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ड्रग्स नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हाथ कई बड़े सुराग लगे हैं। एसटीएफ को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 44 फार्मास्युटिकल्स और मेडिकल स्टोर से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं, जोकि ड्रग इंस्पेक्टर के इस नेटवर्क में प्रमुख रूप से शामिल हैं।