सेना की छावनी के भीतर स्थित 80 मीडियम रेजिमेंट के चार जवानों की हत्या के मामले में पुलिस एवं सेना अधिकारियों की जांच जारी है, लेकिन जिसके चलते जांच जल्दी ही किसी नतीजे पर पहुंच सकती है। पुलिस एवं सेना अधिकारियों ने घटना के बाद कैंट के हर एक गेट की सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो स्पष्ट हुआ कि जवानों की हत्या के लिए कोई भी बाहरी व्यक्ति उस समय कैंट अंदर दाखिल नहीं हुआ बल्कि अंदर से ही कातिल आए थे। जांच टीम ने संभावना जताई है कि मामले का खुलासा जल्द हो जाएगा।
वीरवार एवं शुक्रवार को सेना अधिकारियों और पंजाब पुलिस की टीम ने कैंट के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की तो पाया कि जिस समय यह घटना हुई उस समय और उससे पहले कोई भी ऐसा संदिग्ध व्यक्ति कैंट एरिया में दाखिल नहीं हुआ जो जवानों की हत्या को अंजाम दे सके। अफसरों की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि जवानों की हत्या करने वाले अंदर से ही आए थे।
सेना और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जो इंसास राइफल चोरी हुई थी क्या उसी राइफल से हत्या को अंजाम दिया गया है। सेना अधिकारियों एवं पुलिस की जांच जिस तेजी के साथ चल रही है, उससे संभावना लग रही कि उक्त जांच जल्दी ही किसी नतीजे पर पहुंच जाएगी। शनिवार को भी बाहरी व्यक्तियों का कैंट अंदर दाखिल होना बंद रहा।
चश्मदीद वार्ड कर्मी ने कुर्ता पायजामा पहने दो लोगों के आने की बात कही थी
घटना के चश्मदीद वार्ड के कर्मी ने यूनिट के मेजर शुक्ला को बताया था कि दो व्यक्ति सफेद कुर्ता पैजामा पहनकर आए थे और हत्या करने के बाद मौके से फरार हो गए थे। इस मामलें में थाना कैंट पुलिस ने मेजर शुक्ला के बयान पर दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। घटना के तुरंत बाद सेना ने कैंट को चारों तरफ से सील कर दिया और छावनी के सभी गेट बंद कर लोगों को अपने घरों में रहने की हिदायत दी थी।
घटना वाली शाम को सेना ने छावनी के जंगलों से एक इंसास राइफल बरामद कर ली थी। जिसको फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। वहीं सेना ने बडे़ स्तर पर सर्च अभियान चलाया। हेलीकाॅप्टर और ड्रोन से कैंट के जंगलों की जांच की लेकिन आरोपियों के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। हालांकि बताया जा रहा कि दिल्ली स्थित सेना हेडक्वार्टर से आई एक टीम भी जांच कर रही है।
छावनी में रहने वाले सभी सैनिकों के रिकार्ड की जांच
इतना ही नहीं सेना के बड़े अधिकारियों ने छावनी में रहने वाले सभी सेना कर्मियों के रिकार्ड को भी चेक किया है। एसपीडी अजय गांधी के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की एक टीम भी जांच में जुटी है। पंजाब पुलिस की टीम में डीएसपी सिटी 2 और थाना कैंट के एसएचओ गुरदीप सिंह शामिल हैं।
पुलिस की टीम हर पहलू को बड़ी बारीकी के साथ जांच कर रही है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की है। लेकिन मामला जांच के अधीन होने के चलते वो ज्यादा कुछ नहीं बता पाएंगे।
-गुलनीत सिंह खुराना, एसएसपी