पांच भाई बहनों में सबसे छोटा था रितिक
रितिक रोशन पांच भाई बहनों में सबसे छोटा था। उसके चार और भाई-बहन हैं, जिनमें से रितिक और उसके भाई के अलावा तीन बहनें भी हैं। रितिक की मां बिमला देवी बिलखते हुए बार-बार अपने बेटे को बचाने की गुहार लगा रही थी, जबकि रितिक का पिता किसी काम से यूपी गया हुआ था।
सरकार ने 2019 में सभी खुले बोरवेल को बंद करने का आदेश दिया था
सरकार ने करीब तीन साल पहले 2019 में सभी खुले बोरवेल को बंद करने का आदेश दिया था। उस दौरान दो साल के बच्चे फतेहवीर की सुनाम में बोरवेल में गिरने के बाद करीब 110 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था लेकिन फतेहवीर की जान नहीं बची थी। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी खुले बोरवेल को बंद करने का आदेश जारी किया था।
सभी उपायुक्तों को इस तरह के बोरवेल को भरने और प्लग करने के लिए तत्काल उपाय करने के काम में विभिन्न विभागों को शामिल होने के लिए एक पत्र भी जारी किया गया था। इस संबंध में जारी आदेश में पंजाब सरकार ने उपायुक्तों को बंद पड़े बोरवेलों को सील करने और बंद न करने पर आपराधिक कार्रवाई शुरू करने को कहा था।
पंजाब सरकार ने आदेश दिया था कि इस तरह के बोरवेल में किसी भी तरह की दुर्घटना पर भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत भूमि मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि, रविवार के मामले में बोरवेल का उपयोग नियमित सिंचाई के लिए किया जाता था और एक दिन पहले ही मरम्मत के लिए इसे खोला गया था। बोरवेल की पाइप जमीन से करीब तीन फुट ऊंची थी।
सिलसिलेवार घटनाक्रम
- सुबह करीब दस बजे रितिक रोशन बोरवेल में गिरा
- सूचना के बाद इलाके के लोग अपने तौर पर बच्चे को निकालने का प्रयास करते रहे
- खबर पाकर बाबा दीप सिंह सेवादल के लोग ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर वहां पहुंचे
- 11 बजे तक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
- करीब 12 बजे एनडीआरएफ और सेना की टीम पहुंची
- 12:30 बजे के करीब बोरवेल से निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू किया
- करीब एक बजे एनडीआरएफ की इंजीनियर्स की टीम भी पहुंची
- 2:30 बजे के करीब बच्चे को निकालने के लिए सुनाम से गुरिंदर मंगवाल भी वहां पहुंचे
- 4:30 के करीब सीएमओ से फोन पर बात करने के बाद गुरिंदर को काम करने की इजाजत मिली
- अपने एक सहायक और दो एनडीआरएफ जवानों के साथ गुरिंदर ने काम शुरू किया
- करीब बीस मिनट बाद गुरिंदर ने बच्चे की बाजू में फंदा फंसा लिया
- तीन-चार फुट ऊपर आने पर फंदे की गांठ खुल गई
- दोबारा पाइप और रस्सी डालकर फिर से फंदा बाजू में डाला गया
- करीब 30 फुट ऊपर आकर पाइप में बच्चा फंस गया
- दोबारा एक और पाइप डाल कर फंदा डाला गया
- डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद रितिक को बाहर निकाला गया