भाजपा प्रत्याशी शीतल अंगुराल पैन ड्राइव दिखाते।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की चुनौती को स्वीकार करते हुए जालंधर पश्चिमी उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी शीतल अंगुराल वीरवार को जालंधर के जगजीवन राम चौक पहुंचे। शीतल अंगुराल के हाथ में एक पेन ड्राइव थी, जिसे दिखाकर उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर आरोप लगाया कि इस पैन ड्राइव में सरकार के भ्रष्टाचार के काफी सबूत हैं। अंगुराल ने सबसे पहले अपनी और सीएम भगवंत मान की कुर्सी मंच पर रखी। करीब 2:45 बजे अंगुराल ने लोगों को संबोधित किया और पेन ड्राइव में रिकॉर्ड ऑडियो के बारे में जानकारी दी। हालांकि उन्होंने इन सबूतों को सार्वजनिक नहीं किया।
शीतल अंगुराल मुख्यमंत्री सीएम मान को कहा कि आप सिर्फ एक वोट की खातिर मुझ पर और मेरे समर्थकों पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। आप मेरे परिवार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे पाकिस्तान से धमकियां मिल रही हैं। मेरी बेटी को खतरा है।
पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान बताएं कि आखिर क्या बात है कि उनकी बहन सिर्फ एक विधायक के घर क्यों आती हैं। वह दूसरे कार्यकर्ताओं के घर क्यों नहीं जाती, क्योंकि वह गरीब हैं।
मैंने सीएम मान को कहा था कि मैं आज 2 बजे एविडेंस कुर्सी पर रख कर इंतजार करूंगा। आप आकर सारे सबूत सुनो और देखो कि किस तरह से आपके विधायक लूट रहे हैं। लेकिन सीएम मान नहीं आए, जिससे साफ होता है कि पंजाब के माफिया को मुख्यमंत्री का सपोर्ट है। ऑडियो में विधायक बोल रहा है कि वह कमाई कर आपके परिवार को दे रहा है।
आज लोग जानना चाहते हैं कि इस ऑडियो पर क्या कार्रवाई करोगे। जालंधर की जनता पूछ रही है कि आप चोरों के साथ हो। मुख्यमंत्री तक यह गिफ्ट (पैन ड्राइव) पहुंचाऊंगा। मैं आने को तैयार हूं, कि यह पैन ड्राइव कहां आकर देनी है।
पंजाब को लूट कर ले जाएंगे
अंगुराल ने भाजपा के सीनियर नेताओं से मांग रखी कि इस ऑडियो की सीनियर अधिकारियों से जांच करवाई जाए। पहले भी कई ऑडियो आई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पैन ड्राइव पर लीगल कार्रवाई करनी है। अगर इन पर कार्रवाई नही की तो पंजाब को लूट कर ले जाएंगे।
भावुक हुए शीतल अंगुराल
इस दौरान शीतल अंगुराल भावुक होकर रोने भी लगे और पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने उसको गले लगाया। शीतल ने कहा कि मेरे बच्चों की जान को खतरा है। वोट की खातिर मेरे परिवार का मूल्य लगाया जा रहा है। शीतल बाबू जगजीवन राम चौक पर अपनी बेटी को भी साथ लेकर आए थे।