निगम को अनुमान है कि अगले छह माह के दौरान इस टैक्स से करीब सौ करोड़ रुपये की वसूली कर ली जाएगी। इस टैक्स संबंधी पंजाब सरकार ने बुधवार को बकायदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसकी पुष्टि निगम कमिश्नर राहुल तिवारी ने की है।
तिवारी का कहना है कि इस टैक्स की वसूली के लिए शहर में 37 ब्लॉक बनाए गए हैं। हर ब्लॉक में एक टीम तैनात रहेगी। 37 टीमों की पहले तीन दिन की ट्रेनिंग कराई जाएगी। इसके बाद उनको टैक्स वसूलने और लोगों को जागरूक करने के लिए डोर-टू-डोर भेजा जाएगा।
इसके अलावा अगले एक सप्ताह के दौरान विशेष स्कवायड बनाने की भी योजना है। यह कंट्रोल रूम में शहरी के नागरिक की कॉल पर एक्षन लेगा और उसके घर पहुंच कर प्रापर्टी टैक्स इकट्ठा करेगा। कमिशभनर के अनुसार टैक्स की वसूली के लिए शहर के विभिन्न औद्योगिक, व्यापारिक संगठनों के साथ बैठकें की जाएंगी। इसके अलावा टैक्स वसूली के लिए तमाम आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यह टैक्स सेल्फ असेसमेंट के आधार पर वसूल किया जाएगा। लोगों को सेल्फ असेसमेंट फार्म मुहैया करवाया जाएगा। धारक को प्रापर्टी टैक्स अदा करने के लिए अपनी रिहायश, दुकान, फैक्टरी आदि संबंधी इस फार्म में अपनी प्रॉपर्टी से संबंधित सारी जानकारी भरनी होगी।
फार्म में भरी जाने वाली जानकारी के आधार पर ही उपभोक्ताओं से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल किया जाएगा। अगर धारक सेल्फ असेसमेंट फार्म भरकर 31 सितंबर से पहले-पहले प्रॉपटी टैक्स की अदायगी करता है तो उसे टैक्स में 10 फीसदी तक छूट दी जाएगी। 50 गज से नीचे बनी रिहायश पर 50 रुपये तथा 100 गज तक 150 रुपये प्रापर्टी टैक्स वसूल किया जाएगा।
इससे अधिक जगह पर बनी प्रापर्टी पर इलाके में कलेक्टर रेट के मुताबिक टैक्स वसूला जाएगा। मसलन यदि दुर्गापुरी में किसी के पास दो सौ गज जगह में मकान है तो उसका प्रॉपर्टी टैक्स अंदाजन 350 रुपये बनेगा। जबकि यदि किसी का सराभा नगर में दो सौ गज का मकान है तो उसका टैक्स 1200 रुपये सालाना बनेगा।
कर का स्लैब-----
- रिहायशी प्रॉपर्टी 50 गज तक---- 50 रुपये
- रिहायशी प्रॉपर्टी 50 से 100 गज तक---150 रुपये
- रिहायशी प्रॉपर्टी 101 से 500 गज तक--0.5 फीसदी
- रिहायशी प्रॉपर्टी 500 गज से अधिक---01 फीसदी
- खाली प्लॉट का ---0.2 फीसदी
- किराए पर दी रिहायशी प्रॉपर्टी का----7.5 फीसदी
- अपनी कामर्शियल एवं औद्योगिक प्रॉपर्टी पर--03 फीसदी
- कामर्शियल औद्योगिक संपत्ति ---10 फीसदी