कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू
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पंजाब कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे ने कांग्रेसी खेमे के अलावा केंद्र की सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू को लेकर ट्वीट कर दिया है कि मैंने पहले ही कहा था कि यह व्यक्ति पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य के लिए ठीक नहीं है। क्रिकेट से राजनीति में कदम रखने वाले नवजोत सिंह सिद्धू के साथ 'इस्तीफों' की लंबी फेहरिस्त है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने, सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिलना और राहुल गांधी को लेकर यह कहना, 'राहुल गांधी मेरे कैप्टन हैं, कैप्टन अमरिंदर सिंह सेना में कैप्टन रहे हैं, कैप्टन अमरिंदर सिंह के भी कैप्टन राहुल गांधी ही हैं। इस तरह की बयानबाजियों की एक लंबी कड़ी है। भारतीय क्रिकेट टीम जब 1996 में इंग्लैंड दौरे पर गई थी, तो नवजोत सिंह सिद्धू की कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन से नहीं बनी। नतीजा, वे नाराज होकर बीच में ही स्वदेश लौट आए थे। तब से लेकर अब तक सिद्धू कई बार इस्तीफा दे चुके हैं।
बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू ने 2004 में भाजपा टिकट पर अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। सिद्धू के खिलाफ एक पुराना आपराधिक मामला चल रहा था। उसमें गुरनाम सिंह नाम के शख्स की मौत हो गई थी। साल 2006 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सिद्धू को तीन साल कैद की सजा सुनाई। इसके तुरंत बाद सिद्धू ने इस्तीफा दे दिया था। अप्रैल, 2016 में सिद्धू को राज्यसभा में भेजा गया। उस वक्त भी सिद्धू को तीन महीने बाद ही इस्तीफा देना पड़ा था। सिद्धू ने तब कहा था कि वे पंजाब से जुड़े हैं। लोगों के बीच में रह कर काम करना चाहते हैं। हालांकि इसके पीछे कुछ राजनीतिक कारण बताए गए थे। उस समय सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू, जिन्हें पंजाब सरकार में मुख्य संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था, उन्होंने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।